वित्त मंत्रालय ने तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए आयकर पर सेस लगाने संबंधी समाचारों को पूरी तरह निराधार बताया है। मंत्रालय ने आज यहाँ जारी स्पष्टीकरण में कहा कि इस तरह के समाचार पूरी तरह मनगढंत और अफवाहों पर आधारित हैं।
वित्त मंत्रालय ने तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए आयकर पर सेस लगाने संबंधी समाचारों को पूरी तरह निराधार बताया है। मंत्रालय ने आज यहाँ जारी स्पष्टीकरण में कहा कि इस तरह के समाचार पूरी तरह मनगढंत और अफवाहों पर आधारित हैं।
मंत्रालय का कहना है कि आधिकारिक तौर पर मंत्रालय की तरफ से मीडिया को इस तरह की कोई जानकारी नहीं दी गई ।
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस-मंत्री के साथ वित्त-मंत्री की नियमित बैठक के बाद समाचार-पत्रों में प्रकाशित विभिन्न रिपोर्टों की तरफ उसका ध्यान गया। विशेषतौर पर आयकर पर नया उपकर लगाने के समाचारों को मंत्रालय ने गंभीरता से लिया। मंत्रालय ने इस प्रकार की खबरों को मनगढंत और सटोरिया मनोवृत्ति पर आधारित बताया।
यहाँ यह उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढाने, उन पर आयात और उत्पाद शुल्क में कमी करने तथा प्रत्यक्ष करों पर सेस लगाने संबंधी कई तरह के समाचार प्रकाशित किये जा रहे हैं।