भाजपा ने संभाली सत्ता 30 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने शपथ ली
कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास में नये अध्याय का आगाज करते हुए आज मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के नेतृत्व में 30 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने यहाँ शपथ ली, जिसके साथ ही विंध्य पर्वत के दक्षिण में पहली बार अपने बूते पर भगवा पार्टी की सरकार बन गयी। हाल के विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री के तौर पर दूसरी बार शपथ किसानों और भगवान के नाम पर ली। करीब छह महीने पहले भी येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन सिर्फ सात दिन सत्ता में रहने के बाद ही उनकी पार्टी की पूर्व सहयोगी जद (एस) ने समर्थन वापस ले लिया था। 66 वर्षीय येदियुरप्पा ने अपनी मंत्रिपरिषद के गठन में संतुलन साधने के लिए मंत्रिमंडल में पाँच निर्दलियों को शामिल किया है, ताकि 224 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए आवश्यक 113 के जादुई आंकड़े को कार किया जा सके। भाजपा ने विधानसभा में अपने बूते पर 110 सीटें हासिल की थीं, लेकिन सामान्य बहुमत से वह पीछे रह गयी थी, जिसके कारण उसके लिए निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल करना आवश्यक हो गया। मंत्रिपरिषद में शामिल किये गये 29 लोगों में जिन लोगों को कैबिनेट-मंत्री पद की शपथ दिलायी गयी, उनमें गोविन्द एम परजोल के एस ईश्वरप्पा डॉ. वी.एस. आचार्य ममताज अलिखन सी एम उदासी आर. रामचंद्र गौड़ा, आर. अशोक, एस. ए. रवीन्द्रनाथ, जी. जनार्दन रेड्डी, बासवराज बोम्मई, शोभा परंडलाजे, बी. श्रीरामुलु, एस. सुरेश कुमार, कृष्ण पालेमर, रेवुनायक बिलमागी, वेंकटरमनप्पा, अरविन्द लिम्बावली, कृष्णय्या शेट्टी, पी.एम. नरेन्द्र स्वामी, एच. हलप्पा, डी. सुधापर गूलिहट्टी, डी. शेकर, एम, रुद्रप्पा निरानी, लक्ष्मण सवाड़ी, एस. के. बेल्लुब्बी और शिवराज तंगादगी शामिल हैं। राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर ने येदियुरप्पा और 29 मंत्रियों को विधान सौध में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। समारोह में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह लालकृष्ण आडवाणी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी विहिप नेता अशोक सिंघल गोपीनाथ मुंडे मेनका गांधी सहित नेताओं और हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। जद (यू) नेता जॉर्ज फर्नांडीस ने भी समारोह में हिस्सा लिया, जिनकी पार्टी के साथ भाजपा ने चुनावों में सीटों के तालमेल से इनकार कर दिया था। भाजपा मंत्रिमंडल के कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही राज्य में छह महीने से लगा राष्ट्रपति शासन समाप्त हो गया जो 19 नवंबर को येदियुरप्पा सरकार के पतन के बाद 20 नवंबर को राज्य में लगाया गया था। भाजपा ने रणनीतिक चातुर्य का प्रदर्शन करते हुए सरकार को समर्थन देने वाले 6 निर्दलीय विधायकों में पांच को कैबिनेट मंत्री बनाया है। ऐसे निर्दलीय जो पहली दफा विधानसभा में दाखिले के साथ मंत्री बने हैं, उनमें शिवराज तंगडगी (पनकगरी में भाजपा के विद्रोही) गूलिहट्टी, डी. शेकर (होसदुर्ग में जदएस के बागी), कांग्रेस के तीन विद्रोही डी. सुधाकर (हिरियुर), वेंकटरमनप्पा (कावागढ) और पी.एम. नरेन्द्र स्वामी (मालवाल्ली) शामिल हैं। कांग्रेस के एक अन्य बागी आर वरथर प्रकाश जो कलार सीट से चुनाव जीते हैं और येदियुरप्पा सरकार को समर्थन दे रहे है मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हैं। इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं है। भाजपा के मंत्रियों की सूची में जिन प्रमुख लोगों को जगह नहीं मिली है उनमें वरिष्ठ नेता जगदीश शेट्टार शामिल हैं, जो जदएस भाजपा गठबंधन सरकार में राजस्व मंत्री थे। चुनावों के वव्त किये गये अपने वादे को पूरा करते हुए येदियुरप्पा ने अल्पसंख्यक समुदाय से मुमताज अली खान को मंत्रिमंडल में शामिल किया है। हालाँकि पार्टी ने चुनाव में इस समुदाय से किसी को भी मैदान में नहीं उतारा था। अली खान किसी भी सदन के सदस्य नहीं है और उन्हें अगले महीने होने वाले द्विवार्षिक चुनावों में ऊपरी सदन से चुने जाने की संभावना है। बेल्लारी के खदान मालिक जी जनार्दन रेड्डी और उनके भाई भाजपा सांसद जी. करुणाकर रेड्डी को बेल्लारी जिले में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के उनके प्रयासों के लिए पुरस्कृत किया गया है और उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी गयी है। बेल्लारी में पार्टी ने आठ सीटें जीती हैं। दूसरी पार्टियों से भाजपा में आने वाले बी.एन. बच्छेगौड़ा बासवराज बोम्मई जैसों को भी मंत्रिमंडल में समायोजित किया गया है। शपथ लेने वाले 29 मंत्रियों में नौ ने जद (एस) भाजपा सरकार में भी इस दायित्व का निर्वाह किया था। ऐसे मंत्रियों में के.एस. ईश्वरप्पा, गोविन्द एम. करजोल, सी.एम. उदासी, डॉ. वी.एस. आचार्य, आर. रामचंद्र गौड़ा, आर. अशोक, एस.ए. रवीन्द्रनाथ, बी. श्रीरामुलु और रेवुनायक बिलामगी शामिल हैं। रामचंद्र गौड़ा, जनार्दन रेड्डी और आचार्य विधानपरिषद के सदस्य हैं और बाकी निचले सदन के सदस्य हैं। मंत्रिमडल में अब सिर्फ चार जगह बची है और पार्टी ने कहा है कि करीब एक महीने में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। सदन के संख्या बल के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होने की संवैधानिक बाध्यता के कारण कर्नाटक में मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 34 से अधिक नहीं हो सकती। येदियुरप्पा सरकार में शोभा परंडलाजे एकमात्र महिला प्रतिनिधि हैं, जिन्होंने शहर की येसवंतपुर सीट पर जीत हासिल की है। मंत्रिमंडल में मैसूर जिले का प्रतिनिधित्व नहीं है, जहाँ से वरिष्ठ नेता एच.एस. शंकरलिंगे गौड़ा और ए. रामदास निर्वाचित हुए हैं। चौथी बार चुनाव जीतने वाले शंकरलिंगे गौड़ा मंत्री पद के प्रबल दावेदार थे। पार्टी सूत्रों ने कहा कि पीठ में दर्द का मौजूदा समय में इलाज कर रहे पूर्व मंत्री कट्टा सुब्रमण्य नायुडू के मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान मंत्री बनाये जाने की संभावना है। नायडू येदियुरप्पा के भरोसेमंद सहयोगी हैं। |
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