Calender

हर नए वर्ष कैलेण्डर सप्ताह के अगले दिन से शुरू होता है। सन् 2007 में पहली जनवरी सोमवार को थी और अब सन् 2008 में मंगलवार को। जानते हो दोस्तों क्यों?

दरअसल पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर काटने में जितना समय लगाती है, वह एक वर्ष कहलाता है। वर्तमान कैलेण्डर को बनाने में मिस्र, रोम और मेसोपोटामिया का योगदान रहा है। ऐसा माना जाता है कि मेसोपोटामिया के लोगों ने यह निश्चित किया कि सप्ताह में सात दिन होने चाहिए। आधुनिक कैलेण्डर भी क्योंकि ऐसा ही है और एक वर्ष में 365 दिन आते हैं, तो इन 365 दिनों को सात से विभाजित करने पर 52 सप्ताह बनते हैं और एक दिन बच जाता है। इसलिए जब नया साल शुरू होता है तो यह एक दिन जुड़कर, पिछले साल से एक दिन आगे बढ़ जाता है।

2008 लीप ईयर है यानि इसमें 366 दिन हैं।

क्या तुम बता सकते हो अब कौन-से महीने में यह एक दिन बढ़ेगा? हाँ भई, इस बार फरवरी 28 की नहीं 29 दिनों की ही तो थी। तो क्या ये समझ में आया कि 2009 में पहली जनवरी को सप्ताह का कौन-सा दिन होगा? यह एक दिन नहीं, दो दिन आगे हो जाएगा यानि 2009 की एक जनवरी को गुरुवार होगा।