कर्नाटक के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर ने बी. एस. येदियुरप्पा सरकार से कहा है कि वह पहले अपना बहुमत सिद्ध करे। इसके बाद वह विधानसभा के विशेष सत्र को सम्बोधित करेंगे।
कर्नाटक के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर ने बी. एस. येदियुरप्पा सरकार से कहा है कि वह पहले अपना बहुमत सिद्ध करे। इसके बाद वह विधानसभा के विशेष सत्र को सम्बोधित करेंगे। राज्यपाल के इस फैसले से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की त्यौरियाँ चढ़ गयी हैं।
कल भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल देर रात राज्य के महाधिवक्ता उदय होला के साथ विधानसभा की संयुक्त बैठक को सम्बोधित करने के लिए राज्यपाल को आमंत्रित करने राजभवन गया था। श्री ठाकुर ने पार्टी से सदन में बहुमत सिद्ध करने को कहा, क्योंकि भाजपा को हाल में संपन्न विधानसभा के चुनावों में पूर्ण बहुमत से कम सीटें मिली हैं। इसके बाद ही वह संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगें। राज्यपाल ने कल ही श्री येदियुरप्पा को कर्नाटक मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी थी।
कर्नाटक विधानसभा की 224 सीटों में भाजपा को 110 सीटें मिली हैं। भाजपा को बहुमत से तीन सीटें कम मिली है। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने यूनीवार्ता को बताया कि वह विधायकों की संख्या को लेकर आश्वस्त हैं, हालाँकि वह सरकार बनाये जाने से पहले ही राज्यपाल के समक्ष बहुमत साबित कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल अगर दोबारा ऐसा करने को कहते हैं, तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं, लेकिन यह संविधान के अनुच्छेद 176 के खिलाफ है, जिसमें कहा गया है कि राज्यपाल पहले सदन को संबोधित करेंगे।