भाजपा ने आज कहा कि भारत की व्यवस्था `धर्मनिरपेक्ष' बनकर नहीं चल सकती है और सरकार से माँग की कि एक राजाज्ञा के जरिये इस शब्द के संवैधानिक प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए।
भाजपा ने आज कहा कि भारत की व्यवस्था `धर्मनिरपेक्ष' बनकर नहीं चल सकती है और सरकार से माँग की कि एक राजाज्ञा के जरिये इस शब्द के संवैधानिक प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने आज यहाँ पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के अपने उद्घाटन भाषण में कहा, `भारत न कभी धर्मनिरपेक्ष था न धर्मनिरपेक्ष है और जब तक इसका अस्तित्व रहेगा यह न कभी धर्मनिरपेक्ष हो सकता है।' उन्होंने कहा, `भारत एक धर्मप्राण देश है, धर्मप्राण देश से धर्मनिरपेक्ष बनने का भाव ही इस देश को जीवंत से मृत बनाने का कुप्रयास है। गुलामी की इस मानसिकता से अब कम से कम 61 वर्ष बाद तो हमें बाहर आना चाहिए।' उन्होंने कहा कि कायदे से तो संविधान की प्रस्तावना में परिवर्तन करके `सेकुलर' शब्द नहीं डालना चाहिए था, क्योंकि बाद में `सेकुलर' शब्द को लेकर व्यापक राजनीति की गयी और इसे धर्मनिरपेक्षता के रूप में प्रचारित किया गया, जबकि वास्तविकता में सेकुलर शब्द का धर्मनिरपेक्षता कदाकि नहीं होता। न तकनीकी दृष्टि से और न ही राजनीतिक दृष्टि से।