केन्द्राrय गृह राज्य-मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल ने आज यहाँ बताया कि गंभीर अपराधों के मामलों की जाँच के लिए एक संघीय जाँच एजेंसी बनाये जाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के समक्ष विचाराधीन है।
केन्द्राrय गृह राज्य-मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल ने आज यहाँ बताया कि गंभीर अपराधों के मामलों की जाँच के लिए एक संघीय जाँच एजेंसी बनाये जाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के समक्ष विचाराधीन है। जायसवाल ने यहाँ संवाददताओं से कहा कि संघीय जाँच एजेंसी बनाये जाने के संबंध में विभिन्न राज्यों को पत्र भेजे जा चुके हैं। महाराøट्र को छोड़कर अन्य राज्यों ने इस बारे में अभी तक हामी नहीं भरी है और उनके जवाब की प्रतीक्षा है।
उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों को आशंका है कि संघीय जाँच एजेंसी का गठन हो जाने से केन्द्र सरकार को `फ्री हैंड' मिल जाएगा। उन्होंने इस आशंका को निर्मूल करार देते हुए स्पøट किया कि किसी भी गंभीर अपराध की जाँच के मामले में एक समिति केन्द्राrय गृह सचिव की अध्यक्षता में गठित की जाएगी, जिसमे राज्यों के गृह सचिव भी होंगे। समिति 48 घंटे के भीतर तय करेगी कि जाँच संघीय जाँच एजेंसी करेगी अथवा नहीं।
जायसवाल ने बताया कि संघीय जाँच एजेंसी के गठन के प्रस्ताव को मणिपुर सरकार ने सिरे से खारिज पर दिया है। आरुषि हत्याकांड के मामले में सीबीआई जाँच कराये जाने से इनकार संबंधी बयान के बारे में पूछे गये एक सवाल में जवाब में जायसवाल ने कहा कि वह बयान उन्होंने उत्तर- प्रदेश सरकार द्वारा जाँच की सिफारिश किये जाने से पूर्व दिया था।
जायसवाल ने स्पøट किया कि उन्होंने सीबीआई जाँच की जरुरत को लेकर इस आधार पर भी अपना मत व्यक्त किया था कि एसटीएफ आरुषि हत्याकांड की जाँच बहुत अच्छे ढंग से पर रही थी। सीबीआई जाँच से स्थानीय फोर्स का मनोबल टूटता है। नक्सलवादी समस्या के बारे में गृह राज्य -मंत्री ने कहा कि इस समस्या को बेहतर तालमेल और विकास के साथ सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा और बिहार इस समस्या से निपटने के लिए आंध्र-प्रदेश का उदाहरण ले सकते हैं।
जायसवाल ने कहा कि नक्सलवाद से निपटने के लिए केन्द्र सरकार हर प्रकार का सहयोग देने को तैयार है और किसी प्रकार की आर्थिक कमी नहीं होने देगी। साथ ही साथ उन्होंने प्रभावित राज्यों को यह भी सलाह दी कि वे विशेष समन्वय समिति गठित करें।
उत्तर-प्रदेश में कांग्रेस की कमजोर स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यहाँ कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काफी काम करने की जरुरत है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और सपा के वरिøठ नेता अमर सिंह के बीच हुई बातचीत के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि उन्हें इस बाबत कोई जानकारी नहीं है कि क्या बातचीत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में कोई भी दल अछूता नहीं माना जा सकता बहुत-सी चीजें परिस्थितियों पर निर्भर करती हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या सपा और कांग्रेस के बीच चुनावी गठबंधन की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी हाईकमान के पर निर्भर करता है।