पिता की याद में स्मारप बनाएँगे अमिताभ बच्चन
बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की योजना अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की याद में स्मारप बनाने की है। वह मानते हैं कि जाने-माने हिन्दी भाषा के कवि बच्चन के साहित्य में किए गये योगदान को `चुनौती नहीं दी जा सकती।' अपनी आगामी फिल्म `भूतनाथ' के प्रचार के सिलसिले में यहाँ आए बच्चन ने `प्रेट्र' से कहा, `हम उनकी याद में कुछ करना चाहते हैं। चाहे वह उनकी याद को बनाए रखने के लिए हो शोध अथवा अन्य किसी क्षेत्र से जुड़ा हो, लेकिन हमारी योजना कुछ करने की है।' इस योजना के संबंध में किसी भी तरह की विस्तृत जानकारी देने से इनकार करते हुए सदी के महानायक ने कहा, `आपको इस बारे में पता लग जाएगा, लेकिन साहित्य के क्षेत्र में उनके (हरिवंश राय बच्चन के) योगदान को कभी चुनौती नहीं दी जा सकती।' गौरतलब है कि हरिवंश राय बच्चन को बीसवीं सदी के आरंभिप दौर में साहित्य में `छायावाद' के आंदोलन के असाधारण कवि के रूप में पहचाना जाता है और उन्हें उनके कविता संग्रह `मधुशाला' के अमर गायक के रूप में पहचाना जाता है। अमिताभ ने कहा, `हमारे अभिभावक हमारा जीवन और उसकी म़जबूती होते हैं। वे हमारी यादों में हमेशा रहते हैं, मैं उनके बारे में सोचता हूँ और अपने दिन के हर कदम पर उन्हें याद करता हूँ।' हाल ही में उनके खिलाफ महाराष्ट्र नव-निर्माण सेना द्वारा चलाए गए अभियान के बारे में उन्होंने कहा, `हम आ़जाद देश में रहते हैं। जहाँ हर किसी को अपनी बात कहने का अधिपार है। मैं केवल कानून के अनुसार, चलता हूँ और संविधान का पालन करता हूँ। मैं वही करता हूँ, जिसकी इजाजत मेरा जमीर देता है।' उत्तर-प्रदेश में अपनी पुत्रवधु ऐश्वर्या राय के नाम पर एक विद्यालय खोलने के बारे में उन्होंने कहा, `यह वादा मैंने क्षेत्र के लोगों से एक साल पहले किया था। हम अपने वादे पर कायम हैं और विद्यालय की आधारशिला रख दी गयी है। अब ट्रस्ट विद्यालय निर्माण के लिए धन जुटाने में लगा हुआ है।' |
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