राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में `लगे रहो मुन्नाभाई' की धूम
गांधीगिरी के जरिये महात्मा गांधी के विचारों और मूल्यों को आगे बढ़ाने वाली संजय दत्त की चर्चित फिल्म `लगे रहो मुन्ना भाई' को वर्ष 2006 के 54वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की कई श्रेणियों के लिए चुना गया है। `लगे रहो मुन्ना भाई' को सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म, सर्वश्रेष्ठ पटकथा, सर्वश्रेष्ठ गीत और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता की चार श्रेणियों में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया गया है। वर्ष 2003 में इसी तरह का पुरस्कार `मुन्ना भाई एमबीबीएस' को मिला था। प्रसिद्ध बंगला फिल्म अभिनेता सौमित्र चटर्जी को बांग्ला फिल्म `कोडोखेप' के लिए सर्वश्रेष्ठ फिल्म अभिनेता और तमिल अभिनेत्री प्रियामणि को उनकी फिल्म `करूथि वीरन' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया है। मधुर भंडारकर को फिल्म `ट्रैफिक सिग्नल' के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार दिया गया है, जबकि `खोसला का घोसला' को श्रेष्ठ हिंदी फिल्म का पुरस्कार दिया गया है। निर्देशक कबीर खान की फिल्म `काबुल एक्सप्रेस' को निर्देशक के रूप में उनकी पहली फिल्म के लिए वर्ष 2006 का इंदिरा गांधी पुरस्कार दिया गया है। प्रियनंदन द्वारा निर्देशित मलयालम फिल्म `कुलीजनमाम' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म की श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के लिए कोई घोषणा नहीं की गई है। 54वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वर्ष 2006 के फीचर फिल्मों के लिए जूरी बोर्ड के अध्यक्ष बुद्धदेव दासगुप्ता ने पुरस्कारों की घोषणा की। `लगे रहो मुन्ना भाई' को सर्वश्रेष्ठ गीतकार (स्वानंद किरकिरे), सर्वश्रेष्ठ पटकथा राजकुमार हिरानी, विधु विनोद चोपड़ा और अभिजात जोशी और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता (दिलिप प्रभावल्कर) का भी पुरस्कार मिला है। प्रभावल्कर ने इस फिल्म में महात्मा गांधी की भूमिका निभाई थी। विशाल भारद्वाज द्वारा निर्देशित `ओंकारा' को विशेष जूरी पुरस्कार दिया गया। ओंकारा फिल्म में श्रेष्ठ ऑडियोग्राफी के लिए के. जे. सिंह और सुभाष साहू ने भी पुरस्कार जीता। इसी फिल्म के लिए कोंकणा सेन शर्मा को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का भी पुरस्कार मिला है। पंजाबी फिल्म `वारिस शाह-इश्क दा वारिस' को चार पुरस्कार मिले। इसे सर्वश्रेष्ठ पंजाबी फिल्म सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशन (रशीद रंगरेज), सर्वश्रेष्ठ कास्ट्यूम डिजाइनर (मनजीत मान) और सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक (गुरदास मान) को पुरस्कार मिले। फिल्म के युवा निर्देशक मनोज कुंज का वर्ष 2006 में फिल्म के प्रदर्शन के बाद असमय निधन हो गया था। सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायिका का पुरस्कार आरती अंकलेकर टिकेदार को कोंकणी फिल्म `अंतर्नाद' के लिए दिया गया। इसी फिल्म के लिए अशोक कत्की को सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार मिला। इसी फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ कोंकणी फिल्म का पुरस्कार भी जीता। इस फिल्म के लिए दिव्या चहादकर को सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार भी मिला।अंग्रेजी फिल्म `व्वेस्ट' ने इस भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता। इसका निर्देशक अमोल पालेकर ने किया है। मशहूर फिल्म निर्देशक गौतम घोष ने हिन्दी फिल्म `यात्रा' के लिए सर्वश्रेष्ठ सिनेमेटोग्राफी का पुरस्कार जीता। गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में अमिताभ चक्रवर्ती की `बिशार ब्लूस' सर्वश्रेष्ठ रही। किसी निर्देशक की पहली सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म का पुरस्कार जैकब वर्गीस को `अंधियुम' के लिए मिला। सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन के पुरस्कार के तहत वर्ष 2006 की सर्वश्रेष्ठ पुस्तक का पुरस्कार जैरी पिंटो को उनकी किताब `हेलन (द लाइफ एंड टाइम्स ऑफ एन एच बम) के लिए दिया गया। सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का पुरस्कार जी. पी. रामचंद्रन (मलयालम) और रफीक बागडी (अंग्रेजी) ने संयुव्त रूप से जीता। वहीं उत्कल दत्ता (असमी) ने फिल्म और सिनेमा के चलन में संवेदनशील लेखन के लिए विशेष पुरस्कार पाया। पुरस्कारों की घोषणा फीचर फिल्म वर्ग में जूरी प्रमुख बुद्धदेब दासगुप्ता, गैर-फीचर फिल्म वर्ग में के. बिक्रम सिंह और सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन के लिए मधु जैन ने की। फिल्म महोत्सव निदेशालय की निदेशक नीलम कपूर ने पत्रकारों को बताया कि पुरस्कार समारोह की तारीख की घोषणा राष्ट्रपति भवन द्वारा पुष्टि होने के बाद की जाएगी। बुकमार्क किजिए
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