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दिल्ली में जैन समाज को अल्पसंख्यक दर्जा
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By विनय वीर
प्रकाशित 06/12/2008
 
Jain Dharam जैन धर्मगुरुओं ने दिल्ली सरकार द्वारा जैन समुदाय को अल्पसंख्यकों का दर्जा दिये जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इस फैसले से जैन समाज के लोगों को अपनी शिक्षा, संस्कृति की पहचान बनाये रखने का अधिकार मिल सकेगा।

दिल्ली में जैन समाज को अल्पसंख्यक दर्
Jain Dharam

जैन धर्मगुरुओं ने दिल्ली सरकार द्वारा जैन समुदाय को अल्पसंख्यकों का दर्जा दिये जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इस फैसले से जैन समाज के लोगों को अपनी शिक्षा, संस्कृति की पहचान बनाये रखने का अधिकार मिल सकेगा।

जैन श्वेताम्बर तेरापंथ समाज के आचार्य मानमल युवाचार्य डॉ. लोकेश मुनि, आचार्य विजय विरेनद्र सूरिजी गणिवर्य राजेन्द्र विजयजी ने आज दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित से भेंट कर सरकार द्वारा जैन समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा दिये जाने का स्वागत करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने जैन समाज के साथ न्याय किया, इसलिए सरकार साधुवाद की पात्र है।

इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन समाज एक बहुत ही शांतिप्रिय समाज है। राष्ट्र के विकास में इस समाज का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। जैन समाज बहुत लंबे समय से उसे अल्पसंख्यक का दर्जा दिये जाने की माँग कर रहा था। राष्ट्रीय एकता समिति के संचालक आचार्य श्री मानमलजी एवं सह-संचालक युवाचार्य डॉ. लोकेशजी दिल्ली सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे जैन समाज के लोगों को अपनी शिक्षा संस्कृति की अलग से पहचान बनाये रखने में विशेष सुविधाएँ मिल सकेगीं, जिसका वह हकदार है।

मूर्तिपूजक परंपरा के आचार्य विजय विरेनद्रसूरिजी गणिवर्य राजेन्द्र विजयजी ने सरकार के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि जैन समाज अहिंसाप्रिय समाज है, उसने अपनी माँगों के लिए कभी उग्र आंदोलन नहीं किये इससे अन्य समाजों को प्रेरणा लेनी चाहिये।