Dashavatar

उच्चतम न्यायालय ने तमिल फिल्म दशावतरम के प्रदर्शन को चुनौती देने वाली याचिका को आज खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति अरिजीत पसायत और न्यायमूर्ति पी. पी. नेलेकर की अवकाशकालीन खण्डपीठ ने श्री वैष्णव धर्म सनातन सोसाइटी की इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की माँग संबंधी याचिका को निरस्त कर दिया। सोसाइटी ने कहा था कि यह फिल्म हिन्दू समुदाय की धार्मिक संवेदनाओं को चोट पहुँचाती है।

शब्द दशावतरम से हिन्दुओं की इस मान्यता का आभास मिलता है कि भगवान विष्णु के दस अवतारों ने पृथ्वी को पाप से मुक्त कराया है, जबकि इस फिल्म में अश्लीलता और हिंसा को दर्शाया गया है। याचिका में कहा गया था कि इस फिल्म के प्रदर्शन पर तब तक रोक लगा दी जाए जब तक इसमें से आपत्तिजनक दृश्यों और इसके नाम को नहीं हटाया जाता, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इस याचिका को खारिज कर दिया।