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संतुलित खान-पान उम्र बढ़ाने में सहायक
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By विनय वीर
प्रकाशित 05/25/2008
 
Khan Pan

संतुलित खान-पान की महत्ता हम सभी जानते हैं, परन्तु फिर भी हम इसके प्रति प्रतिबद्ध नहीं रहते हैं। संतुलित खान-पान न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य को ठीक रखता है, अपितु हाल ही में कैंम्ब्रिज विश्वविद्यालय में हुए एक शोध के अनुसार यह किसी व्यक्ति की आयु बढ़ाने में भी सहायक है।


संतुलित खान-पान उम्र बढ़ाने में सहायक
Khan Pan

संतुलित खान-पान की महत्ता हम सभी जानते हैं, परन्तु फिर भी हम इसके प्रति प्रतिबद्ध नहीं रहते हैं। संतुलित खान-पान न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य को ठीक रखता है, अपितु हाल ही में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में हुए एक शोध के अनुसार यह किसी व्यक्ति की आयु बढ़ाने में भी सहायक है। शोध की रिपोर्ट के अनुसार नियमित संतुलित खान-पान से किसी व्यक्ति की उम्र 14 साल तक बढ़ सकती है। यह शोध 45 से 79 वर्ष के बीस हजार लोगों पर लगभग एक दशक तक किये गए। अध्ययन में यह बात सामने आई कि उचित मात्रा में फल-सब्जियाँ खाने, धूम्रपान न करने तथा सीमित मात्रा में अल्कोहल लेने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है और बीमारियाँ होने की संभावना भी कम रहती है।  ये तत्व उम्र बढ़ाने में सहायक होता है। इसके साथ ही शोध में यह बात भी सामने आयी है कि जो लोग शारीरिक व्यायाम, योग व ध्यान करते हैं, दीर्घायु होते हैं अगर आपको भी लम्बी उम्र प्राप्त कर जीवन का रस लेने का शौक है तो आज से ही संतुलित खान-पान पर ध्यान दें।

संस्कृति भी प्रभावित करती है हमारे दिमागी तंत्र को

संस्कृति और संभाल का हमारे मानसिक एवं शारीरिक तंत्र पर बहुत प्रभाव पड़ता है। यह प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से हमें प्रभावित करती हैं। हाल ही में मनुष्य पर उसके वातावरणीय एवं सामाजिक सांस्कृतिक प्रभाव पर शोध कर रहे वैज्ञानिकों के अनुसार यह बात सामने आई है कि किसी संस्कृति का दिमाग पर विशेष प्रभाव पड़ता है। एम.आई.टी. में हुए इस शोध के अनुसार विभिन्न संस्कृतियों के लोगों में किसी समस्या को हल करने का माध्यम और तरीका अलग-अलग देखने को मिलता है। शोध के अनुसार अमेरिकी लोग किसी समस्या का निदान इंडीविजुअल की भावना से ढूंढते हैं, जबकि पूर्वी एशियाई मुगलों के लोग किसी समस्या को संयुक्त रूप में हल करते हैं। शोध में यह बात भी सामने आई है कि जहाँ अच्छे सामाजिक माहौल और संस्कृति नहीं होती है, वहाँ के लोग ज्यादातर आत्म निर्भर होते हैं। और वह किसी भी समस्या को स्वयं की दृष्टि से हल करते हैं।

 

लहसुन फायदेमंद है दिल की सेहत के लिए

लहसुन का प्रयोग आमतौर पर मसाले के रूप में किया जाता है। इसके इतर यह भी कि हममें से जाने कितने ही लोगों को लहसुन का तीखा स्वाद पसंद नहीं होता और हम लहसुन खाने से कतराते रहते हैं, परन्तु आपको पता है कि वैज्ञानिकों ने कुछ दिनों पहले एक शोध में इस बात की जानकारी दी है कि लहसुन खाना दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है। चूंकि लहसुन में मूल तत्व एलीसिन होता है। एलीसिन से ही कोशिकाओं के साथ क्रिया करके हाइड्रोजन सल्फाइड से रक्त वाहिनियों को आराम पहुँचता है, जिससे रक्त का प्रवाह आसान हो जाता है। ब्लड प्रेशर कम हो जाता है, और शरीर के कई अंगों तक खून को ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन ले जाने में सहायता मिलती है।  शोधकर्त्ताओं का कहना है कि जो लोग लहसुन का आजीवन उचित मात्रा में प्रयोग करते हैं, उनमें हृदय रोगों की संभावना कम पाई जाती है। यही कारण है कि भूमध्यसागरीय और सुदूर पूर्व के इलाकों में जहाँ लहसुन अधिक इस्तेमाल में लाया जाता है, वहाँ हृदय रोगों की शिकायत कम पाई जाती है। इसके साथ ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने यह भी चेतावनी दी है कि लहसुन के अत्यधिक प्रयोग के साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। दिल की सेहत बरकरार रखने के लिए रोजाना तीन कली लहसुन का सेवन उचित है। थोड़ी-सी मात्रा में रोजाना लहसुन का प्रयोग कर दिल के रोगों को बॉय-बॉय कीजिए।

स्मरण शक्ति बढ़ती है दिन में हल्की नींद लेने से

दिन में सोने वालों को लोग बेवकूफ ही समझते हैं। कहा जाता है कि ऐसे लोगों के पास कोई काम नहीं होता। इसके साथ ही यह भी धारणा है कि दिन में हल्की नींद लेने से स्मरणशक्ति बढ़ती है। अमेरिका की एक अनुसंधान टीम ने अध्ययन के बाद बताया कि दिन के 45 मिनट की नींद लेने से रात की नींद में खलल नहीं पड़ती, बल्कि ऐसा करने वालों की स्मरण-शक्ति में बढ़ोत्तरी होती है। हावर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसंधानकर्त्ता मैध्यू ए टकर के अनुसार इस नई खोज का महत्व यह है कि नींद की प्रक्रिया जैसे-तैसे पूरी नहीं की जा सकती है और उन्होंने सारी जानकारियाँ जाग्रत अवस्था के दौरान किए गए अध्ययन से जुटाई हैं। अमेरिकी टीम ने यह अध्ययन 23.3 वर्ष आयु वर्ग के कुल 33 लोगों, जिसमें 11 पुरुष और 22 महिलाएँ शामिल हैं, पर किया गया है। अध्ययनों की रिपोर्ट को तर्क-संगत मानते हुए आज ही से दिन में झपकी लेना प्रारंभ कर दीजिए, क्योंकि अच्छी याददाश्त से ही जीवन के हर क्षेत्र में  मदद मिलती है।