Vibhav Krishna

`शैडो इंडिया रिकॉर्ड' कंपनी ने अपना नया म्यूजिक अलबम `सितारा-रीचिंग फॉर दी लव स्टार' जारी किया है। जिसकी प्रस्तुति भरत शाह व सुधाकर शेट्टी ने की है। इस अलबम में संगीत प्रकाश-आशिष का है, गीत फाएज अनवर का है तथा गायक विभव कुष्णा हैं, जिनका यह डेब्यू अलबम है। विभव कृष्णा पेशे से वकील हैं और अपने शौक को अलबम का रूप दिया है।

आप वकील क्यों बने यदि गायक बनना था? वकालत व गायन एक साथ कैसे संभव हुआ?

हमारा परिवार एक लीगल परिवार रहा है। इस कारण वकील बनना स्वाभाविक था, जबकि मैं अपने स्कूल व कॉलेज के दिनों में ही गिटार लेकर गाना गाया करता था। हमारे यहाँ एक राधाकृष्ण का मंदिर है, जहाँ पर मेरे ताऊजी साल में तीन-चार बार शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम रखते थे। इस कारण मैं हमेशा संगीत से जुड़ा रहा। जब भी मैं एकांत में गिटार बजाकर गाता था तो मुझे बड़ा संतोष मिलता था। अब उसी शौक को एक अलबम का रूप दिया है। देखना है कि लोग इसे कितना पसंद करते हैं?

अलबम `सितारा' क्या है? इसे बनाने का ख्याल कब और कैसे आया?

एक लड़का या लड़की एक दूसरे को देखते हैं तो एक-दूसरे की तारीफ कैसे करते हैं? उसके साथ जीवन बिताने का सपना देखने लगते हैं। बस इसी को हमने अलबम का रूप दिया है। इसकी शुरुआत तब हुई जब महेश भट्ट ने मुझसे फाएज भाई को मिलवाया। हम लोग कई बार मिलते रहे। एक बार फाएज भाई ने स्टूडियो में ले जाकर आवाज टेस्ट की तथा माईक हैंडल करना और कैसे गाना चाहिए इत्यादी पूरी तरह समझाया। जब लगा कि मैं गाना गाने के लिए तैयार हो गया हूँ तो फाएज भाई ने अलबम के लिए गाना लिखा और हमने अलबम तैयार कर दिया। इसमें संगीतकार प्रकाश-आशिष की तथा फाएज अनवर की जितनी तारीफ की जाए कम है।

भविष्य में आप वकालत करेंगे या गायन?

संगीत मेरा शौक है, पेशा नहीं। वकालत में उम्र और तजुर्बे के साथ इज्जत बढ़ती है तथा काम और अच्छे मिलते हैं। वकालत ऐसा पेशा है जो उम्र के साथ बूढ़ा नहीं होता बल्कि और चमकता है। जो खुशी केस जीतने पर मिलती है तथा अलग-अलग तरह के केसों को हल करने में जो मज़ा आता है, वह मजा कहीं नहीं है। लोग फुर्सत में खेलते हैं, घूमने जाते हैं, फिल्म जाते हैं। मैं अपने फुर्सत के समय को अपने शौक यानी गायन को पूरा करने में लगा रहा हूँ और लगाता रहूँगा।