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चार बूंद जिंदगी के
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By विनय वीर
प्रकाशित 06/16/2008
 
DNA Card सिर्फ चार बूंद खून और महज 640 रुपये शुल्क देकर आप लखनऊ आकर 50 साल तक के लिए अपना डी.एन.ए. सुरक्षित करवा सकते हैं। साथ ही प्राप्त कर सकते हैं डी.एन.ए. स्मार्ट कार्ड जिसमें दर्ज होगी, आपकी पूरी पहचान और . .

चार बूंद जिंदगी के
DNA Card

सिर्फ चार बूंद खून और महज 640 रुपये शुल्क देकर आप लखनऊ आकर 50 साल तक के लिए अपना डी.एन.ए. सुरक्षित करवा सकते हैं। साथ ही प्राप्त कर सकते हैं डी.एन.ए. स्मार्ट कार्ड जिसमें दर्ज होगी, आपकी पूरी पहचान और आपके स्वास्थ्य से जुड़ी हर जानकारी।

यह सब होगा राजधानी के बायोटेक पार्क में मंगलवार को स्थापित डी.एन.ए. बैंक में, जो एशिया में अपनी तरह का पहला बैंक है और दुनिया में यह सुविधा इससे पहले तक अमेरिका के फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (एफ.बी.आई.) के पास उपलब्ध थी और सार्वजनिक नहीं है।

पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पी.पी.पी.) के आधार पर स्थापित इस बैंक की स्थापना लखनऊ बायोटेक पार्क और इकरा बायोटेक ने मिलकर की है। डी.एन.ए. बैंक और इकरा बायोटेक के निदेशक डॉ. सईद अहमद ने बताया कि हालाँकि अमेरिका की एफ.बी.आई. इस सुविधा का उपयोग पहले से करती रही है पर आम आदमी को डी.एन.ए. आधारित स्मार्ट कार्ड की सुविधा देने वाला यह इकलौता बैंक होगा।

बायोटेक पार्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पी.के. सेठ ने बताया कि डी.एन.ए. के जरिये पहचान में शंका की गुंजाइश नहीं रह जाएगी ओर इसका सबसे अधिक फायदा रेल अथवा हवाई दुर्घटनाओं जैसी दुर्घटनाओं के शिकार लोगों की पहचान में होगा। ऐसे लोगों की पहचान कई बार असंभव हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस कार्ड पर दर्ज डी.एन.ए. संबंधी सूचनाएँ चिकित्सा में बेहद उपयोगी होंगी, खासकर दुर्घटना आदि के शिकार व्यक्तियों के बारे में यह बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

डॉ. सेठ ने बताया कि स्मार्ट कार्ड पर अंकित सूचनाएँ सेटेलाइट के जरिये दुनिया के किसी भी आकस्मिक चिकित्सा केन्द्र पर उपलब्ध हो सकेंगी। इतना ही नहीं स्मार्ट कार्डधारी व्यव्ति के रक्त समूह कतिपय दवाओं के प्रति संवेदनशीलता अथवा एलर्जी आदि की जानकारी पल भर में सामने होगी। उन्होंने बताया कि यह सुविधा शातिर अपराधियों का ब्यौरा रखने में भी खासी सहायक होगी और उनके लिए नाम पहचान और पता बदलकर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देना नामुमकिन हो जाएगा।