Riya Sen

क्या अति पैसा और प्रसिद्धि से आपके पांव डगमगा गये हैं?

मुझे तो ऐसा नहीं लगता है। मैं एकदम सहज हूँ। हाँ, मेरा आत्मविश्वास लगातार दृढ़ हुआ है। मेहनती आदमी के लिए पैसा कमाना बड़ी बात नहीं है, फिर भाग्य भी मुझ पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान है।

मगर इधर आप बॉलीवुड के अपने साथियों का मज़ाक उड़ाने लगे हैं?

आप शायद फिल्म फेयर अवार्ड समारोह की बात कर रहे हैं। वह एक टोटल टाइम पास वाला मामला था। आपने शायद ध्यान से यह कार्यक्रम नहीं देखा। मैंने तो इसमें अपना भी मज़ाक उड़ाया था।

बच्चन के साथ आपके मतभेद अब खुल कर सामने आने लगे हैं?

यह सब आप मीडिया वालों की मेहरबानी है। बच्चन साहब मेरे वरिष् हैं। कोई मतभेद होगा भी तो मैं मीडिया की बजाय उनके पास जाना पसंद करूंगा।

लगता है आप अपने आपको ज्यादा गंभीरतापूर्वक नहीं लेते हैं?

मनोरंजन करने वालों को अपने आपको सीरियसली नहीं लेना चाहिए। हमारा काम क्या है, लोगों का मनोरंजन करना। यदि हम ही गंभीर व्यवहार करने लगे, तो उनके आनंद के पलों का साथी कौन बनेगा?