राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोडी सिंह बैंसला के बीच गुर्जर समुदाय को आरक्षण समेत अन्य माँगों कर कल समझौते पर हस्ताक्षर होंगे।
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोडी सिंह बैंसला के बीच गुर्जर समुदाय को आरक्षण समेत अन्य माँगों कर कल समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। इस समझौते के तहत 26 दिन से आंदोलनरत गुर्जरों को 5 दौर तक चली बातचीत के बाद राजे सरकार विशेष श्रेणी में लगभग 6 प्रतिशत आरक्षण देने राजी हो गई है। समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही राजस्थान में 26 दिनों से जारी गुर्जर आन्दोलन समाप्त होने की संभावना है।
बैंसला और भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं सांसद रामदास अग्रवाल ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद ओमप्रकाश माथुर, गुर्जर नेता विधायक रामवीर सिंह विधूडी एवं अन्य प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पाँचवें दौर की वार्ता की समाप्ति के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की।
अखिल भारतीय गुर्जर संघर्ष समिति के मुख्य संरक्षक विधायक रामवीर सिंह विधूडी ने कहा कि राज्य सरकार ने गुर्जर समाज की सभी माँगे मंजूर कर ली है। सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग में गुर्जर समाज को आरक्षण देने पर राजी हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार और गुर्जर नेताओं के बीच तय हुए समझौते से हम सभी खुश हैं। विधूडी ने कहा कि सरकार और गुर्जर प्रतिनिधियों में समझौता हो गया है। कल समझौते पर मुख्यमंत्री और बैंसला के हस्ताक्षर होने के बाद कीलूकापुरा समेत अन्य स्थानों पर रास्ता जाम किए आन्दोलनकारी रास्ता साफ कर देंगे। उन्होंने बताया, `मैं इतना कह सकता हूँ कि गुर्जर नेता इस समझौते से संतुष्ट हैं। समझौते के मसौदे की घोषणा कल की जाएगी, लेकिन प्रस्तावित समझौते में किसी जाति वर्ग को मिल रहे आरक्षण से छेड़छाड़ नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज को आरक्षण मिलेगा। इसके लिए सरकार ने विशेष वर्ग बनाया है। इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग व आदिवासी वर्ग के आरक्षण को छेड़ा नहीं गया है। गुर्जर समाज को घुमेन्तु जाति वर्ग में नहीं, बल्कि विशेष वर्ग में इसका लाभ मिलेगा।
विधूड़ी ने कहा कि सरकार और गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों के बीच लिखित समझाता होगा। समझौते को सरकारी दस्तावेज बनाने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय में मुख्यमंत्री और बैंसला हस्ताक्षर करेंगे। विधूड़ी ने कहा कि गुर्जर समाज की आरक्षण के अलावा अन्य माँगों पर भी सरकार और गुर्जर नेताओं में सहमति बन गई है। गुर्जर समाज को यह समझौता मंजूर होगा। इससे बढ़िया और कोई समझौता हो नहीं सकता। उन्होनें कहा कि समझौते की घोषणा कल मुख्यमंत्री और कर्नल बैंसला करेंगे।
राजस्थान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के सूत्रों ने बताया कि सरकार और गुर्जर आन्दोलनकारियों के अनुसूचित जनजाति में आरक्षण देने के मुद्दे पर प्रस्तावित समझौते पर विचार हो चुका है, कुछ मुद्दों पर विचार होना बाकी है। शेष माँगों जैसे पुलिस फायरिंग में मारे गये लोगों, घायलों को मुआवजा देने, फायरिंग में मारे गये 38 आन्दोलनकारियों के परिवारजनों को राहत देने फायरिंग प्रकरण की जाँच, आन्दोलन के दौरान दर्ज किये मुकदमों जेल में बंद आन्दोलनकारियों संबंधी मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस फायरिंग में मारे गये आन्दोलनकारियों के परिजनों को पाँच- पाँच लाख रुपये मृतक आन्दोलनकारी के परिवार के आश्रित एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, घायलों को एक लाख रुपये, फायरिंग प्रकरण की न्यायिक जाँच करवाने और जेल में बंद आन्दोलनकारियों को रिहा करने की घोषणा हो सकती है।
आरक्षण की सिफारिश का पत्र केन्द्र सरकार को भेजे जाने की माँग को लेकर राजस्थान में 26 दिनों से जारी गुर्जर आंदोलन के समाधान पर सरकार और गुर्जर प्रतिनिधियों के बीच ओटीएस भवन में पाचवें दौर की वार्ता शुरू हुई। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज की वार्ता में शामिल नहीं हुई। वार्ता को लेकर उस समय असमजंस के पयास लगाए जाने लगे, जब तीन घण्टे की वार्ता के बाद भी मुख्यमंत्री नहीं पहुँची। वार्ता के दौरान सासंद रामदास अग्रवाल, सांसद ओम प्रकाश माथुर और मुख्यमंत्री के सचिव सुनील अरोड़ा मुख्यमंत्री से मिलने वसुंधरा के सरकारी आवास गए। पाँचवें दौर की वार्ता में गुर्जर प्रतिनिधियों का नेतृत्व बैंसला ने किया।
इससे पहले वंसुधरा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल सदस्यों एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में गुर्जर आन्दोलन के समाधान के लिए समुदाय के साथ समझौते के प्रस्तावित मसौदे पर चर्चा की गयी। गौरतलब है कि बैंसला के नेतृत्व में गुर्जर समाज को अनुसूचित जनजाति में आरक्षण की सिफारिश की चिट्ठी केन्द्र सरकार को भेजे जाने की माँग को लेकर 23 मई से भरतपुर के कीलूकापुरा में रेल रोको आंदोलन शुरू हुआ था। आन्दोलन के दौरान तीन बार हुई पुलिस फायरिंग में 38 आन्दोलनकारी मारे जा चुके हैं।
आन्दोलन के कारण दिल्ली-सवाई माधोपुर-मुम्बई रेल मार्ग पर हज़ारों आन्दोलनकारियों के बैठे होने के कारण यह मार्ग बंद पड़ा है। आन्दोलन के समर्थन में जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग सिकंदरा मोड़ पर, जबकि सवाई माधोपुर ज़िले के कुशालीपुरा से मध्य-प्रदेश को जाड़ने वाले सड़क मार्ग पर जाम लगा हुआ है।