गतिरोध बर`करार' संप्रग-वाम बैठक अब 25 को
भारत-अमेरिका परमाणु समझौते पर वाम दलों और संप्रग सरकार के बीच आज होने वाली वार्ता अचानक संभवत: इसलिए स्थगित कर दी गई, क्योंकि दोनों पक्षों में अपनी-अपनी स्थिति को लेकर फिलहाल बीच का रास्ता निकलने की कोई उम्मीद नहीं थी। बैठक स्थगित करने का कोई कारण नहीं बताया गया, लेकिन वाम नेताओं ने इसे सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की भारत यात्रा से जोड़ते हुए कहा कि मंत्री इसमें व्यस्त हैं। वाम सूत्रों ने बताया कि उन्हें कहा गया है कि यह बैठक अब 25 जून को होगी। सूत्रों ने बताया कि परमाणु करार पर किसी आम सहमति पर पहुँचने के लिए कल देर रात तक दोनों पक्षों के बीच गहन चर्चा जारी रही और ऐसा नहीं हो पाने पर आज होने वाली नौवें दौर की वार्ता स्थगित करनी पड़ी। कुछ वाम नेताओं ने अपना नाम नहीं देने के आग्रह पर बताया कि समझौते का विरोध करने के कम्युनिस्ट दलें के रुख में बदलाव आने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने इस संभावना से भी इनकार किया कि वाम दल आईएईए के साथ भारत केन्द्रित सुरक्षा समझौता करने की सरकार को अनुमति देंगे। पहले से निर्धारित वार्ता के अचानक स्थगित किये जाने के संदर्भ में राजनीतिक हलकों में ऐसी भी चर्चाएँ हैं कि सरकार ने सुरक्षा समझौते का मसौदा सार्वजनिक किये जाने की वाम दलों की माँग को नहीं माना है। इससे पहले संप्रग वाम समिति की आठवें दौर की बैठक में नौवें दौर की बैठक 28 मई को करना तय किया गया था, लेकिन उस समय भी इसे बिना कोई कारण बताये आज तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि सरकार ने वाम दलों के रुख में कोई परिवर्तन नहीं आने के मद्देनजर शायद यह सोच पर बैठक स्थगित करने का निर्णय किया कि आगे की कार्यवाही और आईएईए में अगला कदम कैसे बढ़ाया जाए इस पर विचार के लिए कुछ और समय मिल सके। परमाणु समझौते पर वाम दलों से सहमति बनाने के लिए सरकार की ओर से मुख्य वार्ताकार प्रणव मुखर्जी कोई रास्ता निकालने के प्रयास में पिछले दो दिनों में माकपा महासचिव प्रकाश करात से दो बार मिले। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि आईएईए के साथ भारत केन्द्रित सुरक्षा समझौते पर आगे बढ़ने की सरकार को अनुमति प्रदान की जाए। हालाँकि वह अपने इस प्रयास में अभी सफल नहीं हुए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार एम. के. नारायणन ने भी इसी आग्रह के साथ करात से भेंट की। उधर, माकपा के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी की कल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात हुई, लेकिन इन तमाम कवायदों के बावजूद अभी तक कोई बात नहीं बन पाई है। |
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