गुर्जर, रेवाड़ी व बंजारा को 5 फीसदी
पिछड़े सवर्णों को 14 फीसदी आरक्षण

राज्य सरकार ने आज गुर्जरों सहित बंजारा व रेवाड़ियों को विशेष वर्ग में पाँच फीसदी और आर्थिक तौर पर पिछड़े सवर्णों को 14 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया। इसी के साथ 27 दिन से चले आ रहे गुर्जरों के आरक्षण आंदोलन का पटाक्षेप हो गया।

आरक्षण के नए फॉमूले के बाद राज्य में अब विभिन्न जातियों को दिया जाने वाला आरक्षण 49 फीसदी से बढ़कर 68 फीसदी हो गया है। राज्य में अब लगभग सभी जातियां आरक्षण के दायरे में आ गई हैं। लंबे जद्दोजहद और दिन भर के सस्पेंस के बाद अनुसूचित जनजाति में आरक्षण की चिट्ठी को लेकर गुर्जर आंदोलनकारियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुए समझौते की सहमति की आज औपचारिक घोषणा कर दी गई। समझौते के मसौदे के तहत राज्य में गुर्जर सहित तीन जातियों को विशेष वर्ग का दर्जा प्रदान कर पांच फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। आज आनन फानन में राजस्थान आर्थिक पिछड़ा आयोग ने भी मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपी। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने आर्थिक तौर पर पिछड़े सवर्णों को भी आरक्षण का तोहफा दे दिया। राज्य सरकार से हुए समझौते के बाद गुर्जर आरक्षण आंदोलन समाप्त हो गया है। इसकी औपचारिक घोषणा कर्नल बैंसला पीलूपुरा जाकर करेंगे।

खचाखच भरे संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी पीठ थपथपाते हुए कहा कि सरकारें तो बहुत आई और गई पर किसी ने भी आर्थिक तौर पर पिछड़े सवर्णों की सुध नहीं ली सबने सिर्फ वादे किए। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने स्पष्ट किया कि इस आरक्षण से राज्य में लागू मौजूदा आरक्षण व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके अलावा सवर्ण जातियों जैसे ब्राह्मण, कायस्थ और वैश्य जातियों में आर्थिक रुप से पिछड़े लोगों के लिए 14 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक रुप से कमजोर वह तबका जो अब तक आरक्षण के लाभ से वंचित था, भी विकास की मुख्य धारा से जुड़ सकेगा। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने आंदोलने के दौरान आम आदमी को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त भी किया। संवाददाता सम्मेलन में राज्य भाजपा अध्यक्ष ओम माथुर व कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला भी मौजूद थे। आरक्षण के मसौदे और विस्तृत प्रारुप की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार को गुर्जर नेताओं के साथ हुई निर्णायक वार्ता में दोनों पक्ष पूर्व में प्रेषित चिट्ठी पर सहमत हो गए हैं। यह टिट्ठी जल्द ही केन्द्र सरकार को सौंप दी जाएगी।