भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते को लेकर छिड़ी आर-पार की लड़ाई में वामदलों ने एक बार फिर मोर्चा खोल लिया है। माकपा नेता और पोलित ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य सीताराम येचुरी ने आज कड़े शब्दों में केन्द्र की संप्रग सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सरकार करार पर आगे बढ़ी तो वामदल समर्थन वापस ले लेंगे। उन्होंने कहा कि परमाणु करार को समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता है और वामदल किसी भी कीमत पर एटमी करार को पूरा नहीं होने देंगे।

उल्लेखनीय है कि वामदलों के साथ करार पर सहमति के लिए बुधवार को होने वाली संप्रग-वाम की संयुक्त समिति की बैठक 25 जून तक के लिए टल गई थी। बुधवार को एक ओर जहां कांग्रेस ने साफ कर दिया कि सरकार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कटिबद्ध है। वहीं, दूसरी ओर वामदलों ने भी तेवर कड़े करते हुए कह दिया कि यदि सरकार आईएईए गई तो उनका समर्थन भी `चला' जाएगा। बैठक स्थगित होने के बाद चारों वामदलों ने कल माकपा मुख्यालय में बैठक कर रणनीति पर चर्चा की।

कांग्रेस और वामदलों के तेवर को देखते हुए माना जा रहा है कि अगली बैठक में सरकार अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी (आईएईए) से समझौते के लिए एकतरफा कदम बढ़ाने का निर्णय कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि कल की बैठक विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की भारत यात्रा के सिलसिले में व्यस्त रहने के कारण टाली गई। हालांकि, जानकारों का मानना है कि बैठक करार पर मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता समाप्त करने के इरादे से टाली गई।