फिटनेस के स्तर पर भारत भी एक ध्यान आकर्षित करने वाला उदाहरण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और एसी नीलसन कंपनी द्वारा मिलकर कराये गये दो साल पहले के एक सर्वेक्षण के मुताबिक भारतीय महानगरों में 28 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिन्होंने जीवन में कभी भी एक्सरसाइज़ नहीं की है। उन्हें एक्सरसाइज़ के महत्व के बारे में भी कुछ नहीं पता। जबकि 36 फीसद लोगों ने इस सर्वेक्षण के दौरान बताया कि वह एक हप्ते या इससे कुछ ज्यादा समय पर कम से कम तीन बार कसरत करते हैं। गौरतलब है कि दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी के मामले में दूसरे नंबर का हमारा देश तेजी से डायबिटीज के स्वर्ग में तब्दील हो रहा है जिसके पीछे प्रमुख कारण शारीरिक रूप से निक्रिय होना है। देश की 3 फीसदी से ज्यादा आबादी डायबिटीज का शिकार है। हालांकि इस लिहाज से हम सिंगापुर और जापान के मुकाबले फिर भी बेहतर हैं, जहां शारीरिक रूप से निक्रिय रहने के कारण क्रमश 7.4 और 5.3 फीसदी आबादी डायबिटीज का शिकार हो गयी है।