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एक साथ मुस्कुराए दो महान खिलाड़ी
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By विनय वीर
प्रकाशित 06/22/2008
 
1983 Cricket World Cup Team भारतीय क्रिकेट का इतिहास गवाह है कि उसके दो महान खिलाड़ियों सुनील गावस्कर और कपिल देव के बीच कभी संबंध बहुत ज्यादा मधुर नहीं रहे थे, लेकिन दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट के लिए अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है।

एक साथ मुस्कुराए दो महान खिलाड़ी
1983 Cricket World Cup Team

भारतीय क्रिकेट का इतिहास गवाह है कि उसके दो महान खिलाड़ियों सुनील गावस्कर और कपिल देव के बीच कभी संबंध बहुत ज्यादा मधुर नहीं रहे थे, लेकिन दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट के लिए अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है।

1983 में कपिल ने अपनी कप्तानी में भारत को विश्व कप जिताया था, लेकिन एक दिलचस्प आँकड़ा यह भी है कि इस टूर्नामेंट में भारत के जिस मैच में भी गावस्कर खेले थे, वे मैच भारत जीता था। इन सबके बावजूद यह माना जाता है कि गावस्कर और कपिल के बीच संबंध तनाव पूर्ण रहें हैं। मगर जब ये दोनों दिग्गज एक साथ एक मंच पर हों, तो सारे तनाव कहीं दूर झिटक जाते हैं और सारी फिजा जैसे दो महान खिलाड़ियों के मिलन पर महक जाती है।

ऐसा ही कुछ लम्हा उस समय देखने में आया, जब ये दो महान खिलाड़ी 1983 विश्व कप की सिल्वर जुबली मनाने के लिए आज यहाँ आयोजित एक समारोह में एक मंच पर दिखाई दिए। मंच पर सबसे पहले कपिल को टीम के कप्तान के तौर पर आमंत्रित किया गया और फिर टीम के सलामी बल्लेब़ाज के रूप में गावस्कर मंच पर पहुँचे।

दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और काफी देर तक वे साथ- साथ खड़े आपस में बातचीत करते रहे। बीच- बीच में दोनों ही किसी न किसी बात पर मुस्कुराते रहे। भारतीय क्रिकेट के लिए वास्तव में यह एक अद्भुत क्षण था कि दोनों महान खिलाड़ी एक-दूसरे के ऩजदीक खड़े मुस्कुरा रहे हैं। उन्हें देखकर ऐसा लग नहीं रहा था कि उनके बीच कभी तनाव रहा हो। ऐसा महसूस हो रहा था कि दो पुराने दोस्त लंबे अरसे बाद एक-दूसरे से मिल रहें हैं।

इस स्वर्णिम अवसर पर गावस्कर ने कहा, `हमने 1983 में विश्व कप जीता था, लेकिन मैं आज खुद को सातवें आसमान पर महसूस कर रहा हूँ। उस जीत के बाद देश में क्रिकेट की लोकप्रियता कई गुणा बढ़ गई।' कपिल ने भी कहा, `विश्व कप जीते 25 वर्ष गुजर चुके हैं। हम में काफी बदलाव आ चुका है। कुछ खिलाड़ियों के साइज बदल गए हैं और बालों में सफेदी आ गई है, लेकिन हमारे अंदर का जज्बा आज भी वही है। हमारी उस टीम ने मेरे अलावा सभी बहुत शरारती हुआ करते थे। मैं आज भी उस जीत का याद कर रोमाँचित हो उठता हूँ।' इस अवसर पर वर्ष 1983 विश्व कप जीतने वाली टीम के कप्तान कपिल देव, सुनील गावस्कर, कृष्णमाचारी श्रीकांत, कीर्ति आ़जाद, मोहिंदर अमरनाथ, संदीप पाटिल, रोजर बिन्नी, सैयद किरमानी, बलविंदर सिंह संधू, यशपाल शर्मा, कीर्ति आ़जाद मदन लाल, सुनील वालसन और मैनेजर पी.आर. मान सिंह उपस्थित थे।