भारत-अमेरिका परमाणु करार की विरोधी भापका ने आज कांग्रेस नेतृत्व वाले संप्रग से कहा कि वह करार पर ध्यान देने के बदले बढ़ती महँगाई से मुकाबला को प्राथमिकता दे और केंद्र सरकार को ऐसे करार के नाम पर बलिदान नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि कोई भी समय से पूर्व चुनाव नहीं चाहता।

उड़ीसा में प्रस्तावित कास्को इस्पात संयंत्र के विरोध में आयोजित सम्मेलन के मौके पर पार्टी के महासचिव ए. बी. बर्द्धन ने संवाददाताओं से कहा, `इस समय प्राथमिकता बढ़ती महँगाई से मुकाबला होनी चाहिए न कि परमाणु करार।' उन्होंने कहा, `चुनाव तय समय से पहले नहीं होने चाहिए, क्योंकि विघटनकारी शक्तियों के अलावा कोई भी पहले चुनाव के पक्ष में नहीं हैं।' उन्होंने कहा कि मेरी समझ में यह नहीं आता कि सरकार करार को लेकर जल्दबाजी में क्यों है।

भापका नेता ने कहा कि संप्रग सरकार को समझना चाहिए कि यह करार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के बीच नहीं हो रहा है, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच होना है। बर्द्धन ने कहा कि परमाणु करार पर वामपंथी पार्टियों का रुख स्पष्ट है और वे करार के खिलाफ हैं, लेकिन 25 जून को होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर संप्रग को समझाने के प्रयास किये जाएँगे।