Terriorist in Amarnath

अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड को आवंटित की गई जमीन के मुद्दे पर हो रहे हिंसक प्रदर्शनों ने पूरी तरह से सांप्रदायिक रंगत ले ली है। कश्मीर के ग्रैंड मुफ्ती ने प्रदर्शनों को जायज ठहराते हुए जारी किए गए फतवे के बाद हिन्दू संगठनों ने आग में घी डालने का काम करते हुए हज यात्रा को रोकने की धमकी दे डाली है। प्रदर्शनों में शामिल शरारती तत्व पर्यटकों व अमरनाथ श्रद्धालुओं पर हमले कर उनकी पिटाई कर मामले को सांप्रदायिक रंगत देने की कोशिशों में भी हैं। इतना जरूर है कि मुद्दे पर भड़की हिंसा के बाद हालाँकि मुख्यमंत्री ने पीडीपी का कच्चा-चिट्ठा खोलने की मुहिम आरंभ की है पर उन्होंने इस पर झुकते हुए बालटाल में अमरनाथ श्राइन बोर्ड की भूमि पर अस्थाई निर्माणों पर भी रोक लगा दी है।

अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड को आवंटित भूमि के मुद्दे पर हालात अब खतरनाक रूप धारण कर गए हैं। राजनीतिक दलों की लड़ाई में अब धर्म को घसीट लिया गया है। इसी का लाभ उठाते हुए कुछ शराती तत्व कश्मीर से गुजर रहे पर्यटकों और अमरनाथ श्रद्धालुओं पर जानबूझ कर हमले कर रहे हैं। हिंसक प्रदर्शनों की आड़ में मामले को सांप्रदायिक रंगत देने की कोशिश में कल तथा आज कई स्थानों पर पर्यटकों की पिटाई की गई तथा श्रद्धालुओं के वाहनों पर हमले किए गए। महिलाओं और बच्चों पर भी हमले हुए, जिन्हें बाद में अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

पुलिस के अनुसार, निशात और काजीगुंड के अतिरिक्त गंदरबल में हमले हुए हैं। करीब डेढ़ दर्जन पर्यटक और श्रद्धालु जख्मी हुए हैं, जिनमें से दो की दशा नाजुक बताई जाती है। हालाँकि प्रशासन ने अब श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी करने की कोशिश की है पर इन हमलों से डरे हुए पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने वापस लौटना भी आरंभ किया है।

कश्मीर के ग्रैंड मुफ्ती मुहम्मद बशीरूद्दीन द्वारा अमरनाथ श्राइन बोर्ड को आवंटित भूमि के खिलाफ जारी फतवे ने मामले में आग में घी का काम किया था, जिसमें इन विरोध प्रर्दशनों को जायज ठहराया गया है। नतीजतन पहले से ही कश्मीर में इस मुद्दे पर जो आग लगी हुई थी, इस फतवे के बाद वह और भड़क उठी है, क्योंकि मामला अब सांप्रदायिक हो गया है।

फतवे के बाद मुद्दे को धर्म के साथ जोड़ कर देखा जाने लगा है। यही कारण था कि जम्मू में हिन्दू संगठनों ने फतवे को गंभीरता से लेकर जो बयान जारी किया। उसने आग में घी का काम किया है। अगर विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष रमाकांत दूबे अमरनाथ यात्रा पर होने वाले हमलों को हिन्दू धर्म पर हमलों के समान करार देते थे, तो शिव सेना के प्रदेशाध्यक्ष राजेश केसरी संवाददाता सम्मेलन में चेतावनी देते थे कि फतवे का जवाब हज यात्रा को रोक कर दिया जाएगा।

हालाँकि अब मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद भी हिंसा के बाद झुकते हुए बालटाल में अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड को दी गई भूमि पर अस्थाई निर्माण पर रोक   लगा चुके हैं पर पीडीपी की समर्थन वापसी की धमकी के बाद उन्होंने पीडीपी के कच्चे-चिट्ठे को खोलना शुरू किया है। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में उन दस्तावेजों को भी बाँटा, जिसमें यह स्पष्ट था कि पीडीपी ने भूमि आवंटन के लिए हामी भरी थी। इन दस्तावेजों के अनुसार, पीडीपी के मंत्रियों ने आप भूमि आवंटित की थी, जबकि अब मुफ्ती मुहम्मद सईद इस फैसले में शामिल होने से इनकार कर रहे हैं।