कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के साथ ही तीन लोकसभा सीटों के लिए हुए उप-चुनावों के नतीजे भी आज कांग्रेस की मिट्टी पलीत करने वाले निकले। हालाँकि विधानसभा उप-चुनावों में हरियाणा में पार्टी दो सीटें बचाने में सफल रही, लेकिन एक पर उससे अलग हुए भजनलाल ने परचम लहराया।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के साथ ही तीन लोकसभा सीटों के लिए हुए उप-चुनावों के नतीजे भी आज कांग्रेस की मिट्टी पलीत करने वाले निकले। हालाँकि विधानसभा उप-चुनावों में हरियाणा में पार्टी दो सीटें बचाने में सफल रही, लेकिन एक पर उससे अलग हुए भजनलाल ने परचम लहराया।
भाजपा और शिवसेना ने क्रमशः हिमाचल- प्रदेश की हमीरपुर और महाराष्ट्र की ाणे सीट पर अपना कब्जा बनाये रखा। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और 9 बार सांसद रहे पी.ए. संगमा की पुत्री अगाथा के. संगमा राøट्रवादी कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार के तौर पर मेघालय की तुरा लोकसभा सीट पर कामयाब रहीं।
दिल्ली में वकालत करने वाली 26 वर्षिय अगाथा ने कांग्रेस के जेनिथ संगमा को 99,855 मतों के भारी अंतर से धूल चटाई।
हिमाचल-प्रदेश में अपनी जीत का सिलसिला जारी रखते हुए भाजपा ने हमीरपुर लोकसभा सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा, जहाँ इसके उम्मीदवार और मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के पुत्र अनुराग ाकुर ने कांग्रेस उम्मीदवार ओ.पी. रतन को एक लाख 74 हजार 666 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी।
हिमाचल-प्रदेश क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अनुराग ने इतने बड़े अंतर से चुनाव जीत पर भाजपा के ही सुरेश चंदेल के कीर्तिमान को ध्वस्त पर दिया, जिन्होंने 1999 मे एक लाख 27 हजार के अंतर से सीट जीती थी।
महाराष्ट्र की ाणे लोकसभा सीट पर शिवसेना के उम्मीदवार आनंद परांजके ने राकांपा के संजीव नायक को पराजित किया। परांजके ने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गणेश नायक के पुत्र संजीव को 90,872 मतों से हराया।
आनंद शिवसेना के पूर्व सांसद प्रकाश परांजके के पुत्र हैं, जिनके निधन से उप-चुनाव हुआ। आनंद को 4,62,766 मत मिले, जबकि नायक के खाते में 3,71,894 वोट आये।
हरियाणा में तीन विधानसभा सीटों के लिए हुए उप-चुनाव में नव-ग ित हरियाणा जनहित कांग्रेस (बीएल) ने आदमपुर सीट पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने इंद्री और गोहना में कब्जा बरकरार रखा।
पंजाब में सत्तारूढ़ अकाली दल ने अमृतसर दक्षिण विधानसभा सीट पर दबदबा कायम रखा और उसने 22,000 मतों के अंतर से यह सीट जीत ली।
आदमपुर सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल की रिकॉर्ड दसवीं बार जीत के साथ ही हरियाणा जनहित कांग्रेस ने पहली बार राज्य विधानसभा में खाता खोला है।
अब बुजुर्ग हो चुके भजनलाल ने 1968 में पहली बार आदमपुर विधानसभा सीट जीती थी, जब राज्य में मध्यावधि चुनाव हुए थे।
सिर्फ 1987 को छोड़ दिया जाए जब केंद्र की राजनीति में जाने की वजह से लाल की पत्नी जसमा देवी इस सीट से जीती थीं, 78 वर्षिय कांग्रेस के पूर्व दिग्गज ने दस दफा इस सीट पर अपना झंडा बुलंद किया।
हरियाणा की दो अन्य सीटों - इंद्री और गोहना पर हुए उप-चुनाव में कांग्रेस अपनी प्रतिष् ा बचाने में कामयाब रही।
इन तीनों सीटों पर उप-चुनाव कांग्रेस सदस्यों - भजनलाल, राकेश कंबोज और धरमपाल मलिक को हरियाणा जनहित कांग्रेस (बीएल) में शामिल होने की वजह से विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य हराए जाने के बाद हुए।
इंद्री विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार भीमसेन मेहता ने राकेश कंबोज को 5,865 मतों से हराया। सोनीपत जिले की गोहना सीट पर कांग्रेस के जगबीर सिंह मलिक ने इंडियन नेशनल लोकदल के अपने निकटतम प्रतिद्वद्वी के.सी. बांगर को 22,162 मतों से धूल चटाई।
पंजाब में शिरोमणि अकाली दल ने अमृतसर दक्षिण सीट पर कब्जा बरकरार रखा, जहाँ इसके उम्मीदवार इंदरबीर सिंह बोलारिया ने कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वद्वी नवदीप सिंह गोल्डी को 22,233 वोटों के अंतर से पराजित किया।
पाँच राज्यों में तीन लोकसभा सीटों और विधानसभा की चार सीटों के लिए उप-चुनाव 22 मई को कराए गए थे।