आन्ध्र-उड़ीसा राज्य सीमांत क्षेत्र स्थित अलमपेट गाँव के निकट बल्मानेरू जलाशय (सीलेरू नदी) में मोटर बोट पर कूम्बिंग ऑपरेशन के वक्त विशाखापट्टनम ज़िले के सीलेरू की ओर जा रही प्रदेश की ग्रेहाउण्ड्स और उड़ीसा राज्य की आर्म्ड पुलिस पर माओवादियों ने आज रॉकेट लाँचर से हमला किया, जिसमें करीब 12 ग्रेहाउण्ड्स पुलिसकर्मियों के मारे जाने की आशंका है। अब तक 6 लोगों के शव बरामद किये जा चुके हैं। मृतकों में मुनचिन्ग पुट्टु पुलिस थाने के उप-निरीक्षक शंकर राव शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 18 पुलिसकर्मी लापता हैं। यह हमला हाल ही में ग"ित माओइस्ट सेट मिलिशिया कमीशन द्वारा किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उड़ीसा राज्य के मलकानगिरी ज़िले के चित्रकोंड वनक्षेत्र में माओवादियों का विशेष प्रशिक्षण शिविर संचालित होने की सूचना मिलने पर आन्ध्र-प्रदेश की ग्रेहाउण्ड्स पुलिस उड़ीसा की आर्म्ड पुलिस फोर्स के साथ कार्रवाई करने के लिए गयी, लेकिन प्रयत्न विफल होने के कारण वापस लौट रही थी कि उसी वक्त माओवादियों ने हमला किया। बोट पर 64 सुरक्षा जवानों के बल्मानेरू जलाशय द्वारा वापस जाते समय अलमपेट गाँव के निकट पहाड़ से माओवादियों ने पहले बोट पर रॉकेट लांचर से हमला किया। उसके बाद गोलीबारी शुरू कर दी। राज्य में माओवादियों द्वारा बोट पर जा रहे सुरक्षा बलों पर हमला करने की संभवत यह पहली घटना है।
माओवादियों द्वारा की गयी गोलीबारी में नाविक की भी मौत हो गई है। पुलिस की विशेष टीमों ने घटनास्थल पहुँच कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। बोट में सफर कर रहे 34 पुलिसकर्मी सुरक्षित बाहर निकल आये हैं। उनमें लगभग 20 लोग माओवादियों की गोलीबारी में घायल हुए हैं। घायलों को उपचार हेतु चित्रकोंड स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद इनमें से 11 लोगों को उपचार हेतु नौसेना के दो हेलीकॉप्टरों से विशाखापट्टनम शहर ले जाया गया तथा स्थानीय सेवन हिल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। चार घायलों को उड़ीसा के मलकानगिरी ज़िला केन्द्र के अस्पताल में भर्ती किया गया।
उक्त घटना की सूचना मिलने पर विशाखापट्टनम ज़िले के पुलिस अधीक्षक सब्बरवाल और उड़ीसा राज्य के मलकानगिरी ज़िला पुलिस अधीक्षक एस.के. गजभिये ने घटनास्थल का दौरा किया और चित्रकोंड अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती लोगों की मिजाजपुर्सी की। लापता हुए पुलिसकर्मियों की तलाश के लिए विशाखापट्टनम से विशेष पुलिस बल के 100 कांस्टेबल और 20 तैराक घटनास्थल गए हैं।
राज्य के ग्रेहाउण्ड्स पुलिस विभाग के आईजी राजीव सिन्हा घटना की सूचना मिलते ही तुरन्त हेलीकॉप्टर द्वारा विशाखापट्टनम पहुँचे। शाम में हैदराबाद से डीजीपी एस.एस.पी. यादव भी घटनास्थल पहुँचे। जलाशय में पानी का बहाव तेज होने के कारण लापता हुए पुलिसकर्मियों के बचने की कम उम्मीद है। घटनास्थल पर जलाशय के भीतर 40 मीटर गहराई में जवानों की टोपियां बहते हुए दिखाई दीं।
आन्ध्र-उड़ीसा राज्य के बीच हुए उक्त हमले के बारे में हैदराबाद में राज्य पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बै"क हुई। आज नलगोंडा ज़िले के दौरे पर गए गृह-मंत्री के. जाना रेड्डी ने उक्त घटना की जानकारी ली और वहाँ से हैदराबाद के लिए तुरन्त रवाना हुए। मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी कल घटनास्थल की दौरा करेंगे।