Gas Cylinder

रसोई गैस का नया कनेक्शन लेना अब 400 रुपये महँगा हो गया है। एलपीजी का नया कनेक्शन लेने के लिए अब 850 रुपये के बजाय 1,250 रुपये देने होंगे। इसी तरह रेगूलेटर के लिये भी अब 100 रुपये के बजाय 150 रुपये देने होंगे।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विकणन कंपनी इंडियन ऑयल, एचपीसीएल तथा भारत पेट्रोलियम ने यह बढ़ोत्तरी लागत विशेषकर इस्पात की कीमतों में वृद्धि के मद्देऩजर की है।

उधर, सरकार पेट्रोल की कीमतों को नियंत्रणमुक्त करने पर विचार कर रही है। ऐसा हुआ तो पेट्रोल की कीमत 16-17 रुपये प्रति लीटर बढ़ सकती है। हालाँकि ड़ीजल की बिक्री सब्सिडी वाली कीमत पर ही होगी। कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में आ रहे उछाल को देखते हुए सरकार ने सार्वजनिक तेल कंपनियों को बचाने के लिये यह पहल की है। कच्चे तेल की कीमत गत सप्ताह 135 डॉलर प्रति बैरल की रिकॉर्ड ऊँचाई को छू गया। लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, ड़ीजल, एलपीजी तथा केरोसिन बेच रही सार्वजनिक कंपनियों को मौजूदा वित्त वर्ष में 2,00,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।

एक अधिकारी ने बताया कि पूर्वेत्तर के लिए ज़मानत राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 900 रुपये किया गया है। उन्होंने कहा, `मौजूदा ज़मानत राशि एलपीजी सिलेंडर की लागत को पूरा करने के लिये पूरी तरह से अपर्याप्त थी। इस्पात कीमतों में बढ़ोत्तरी से हमें प्रति सिलेंडर काफी नुकसान हो रहा है। इस बीच, पेट्रोल एवं ड़ीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी को लेकर अब भी संशय की स्थिति बनी हुर्ह है। अंतर्राøट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के मद्देऩजर यह बढ़ोत्तरी अपरिहार्य हो गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस मुद्दे पर इस सप्ताह में कोई फैसला होने की संभावना नहीं है। कर्नाटक के विधानसभा चुनावों के परिणाम को देखते हुए फिलहाल कोई भी किसी तरह का कड़ा फैसला लेने के पक्ष में नहीं है।