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भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते पर सरकार से अपना सर्मथन वापस लेने की धमकी को अमलीजामा पहनाने के लिए वाम दल कल सरकार से अपने रिश्ते तोड़ने के संबंध में समय और तौर-तरीकों के बारे में फैसला करेंगे।

भाकपा के महासचिव ए. बी. बर्धन ने अपनी पार्टी के केन्द्रीय सचिवालय की बैठक के बाद यहाँ संवाददाताओं से कहा कि कल हम सरकार से यह बताने की माँग करेंगे कि वह आईएईए के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में कब जा रही है। बर्धन ने कहा कि सवाल यह नहीं है कि सरकार आईएईए के पास जा रही है या नहीं। उन्होंने कहा कि यह तो सच है कि वह जा रहे हैं पर प्रश्न यह है कि वे ऐसा कब करने वाले हैं।

भाकपा महासचिव ने यह भी कहा कि वाम दलों के सामने सर्मथन वापसी के मामले मे दो विकल्प नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ इस के तौर-तरीकों के बारे में फैसला करना है और राष्ट्रपति को लिख कर बताना है कि हम सर्मथन वापस ले रहे हैं।

जब उनसे बार-बार यह पूछा गया कि क्या अपना अंतिम कदम उठाने के पहले वाम दल प्रधानमंत्री   की जापान यात्रा से वापसी का इंतजार करेंगे, तो बर्धन ने कहा कि अगर वे कहते है कि हम इसी महीने की पाँच या छह तारीख को जाने वाले हैं, तो हम उसी वक्त समर्थन वापस ले लेंगे। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि साधारणतया हमें प्रधानमंत्री की वापसी का इंतजार करना चाहिए।

भाकपा केन्द्रीय सचिवालय के अलावा आज आरएसपी और फारवर्ड ब्लॉक की भी बैठकें हुई। माकपा के पोलित ब्यूरो ने तो पहले ही तय कर लिया है कि सरकार से उस वक्त सर्मथन वापस लेगी, जब वह आईएईए के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के पास सुरक्षा मानक समझौते के लिए जाएगी, क्योंकि यह परमाणु समझौते को अमल में लाने के लिए अहम कदम होगा।