Bund Effect - Voilence in Indore

भारतीय जनता पार्टी और विश्व हिंदू परिषद के अमरनाथ भूमि हस्तांतरण मसले पर किए गए देशव्यापी बंद के दौरान आज इंदौर में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गयी। बंद समर्थकों ने देश के अन्य भागों में ट्रेन रोकीं और सड़कों पर जाम लगाया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कुल मिलाकर पूरे देश में बंद का मिलाजुला असर रहा किंतु जम्मू क्षेत्र मंगलवार से विरोध का केंद्र बना हुआ है। वहाँ आज प्रदर्शनकारियों ने एक वाहन को आग के हवाले कर दिया और कई स्थानों पर पुलिस  के साथ झड़प हुई। अमरनाथ श्राइन बोर्ड को आवंटित भूमि पर रोक  लगाने के विरोध में बंद का आह्वान किया गया है। जम्मू क्षेत्र में आज 25 लोगों के घायल होने के साथ घायलें की कुल संख्या करीब 100 हो गयी जबकि क्षेत्र के विभिन्न इलाकों  में आज तीसरे दिन भी कर्फ्यू लागू रहा। देशव्यापी बंद से आज पंजाब,  हरियाणा, दिल्ली, उत्तर-प्रदेश, कर्नाटक  और महाराष्ट्र में आम जन-जीवन प्रभावित  हुआ। बंद समर्थकों ने ट्रेनें  रोकीं सड़कों पर अवरोधक खड़े  किए और दुकानों को जबरन बंद  कराया।   वाम शासित पश्चिम बंगाल में बंद का असर कम रहा। यातायात बिना  किसी बाधा के सुचारू रूप से जारी रहा। सियालदाह खंड पर ट्रेनों के  परिचालन में कुछ दिक्कतें आईं।

दिल्ली के कुछ इलाकों में सड़कें बंद कर दी गईं। व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले फ्लाई ओवर और पूर्वी तथा मध्य दिल्ली के कुछ मुख्य मार्गों पर अवरोधक खड़े किए। पंजाब के लुधियाना में प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा अमृतसर एक्सप्रेस  को रोक दिया। राज्य के कुछ हिस्सों में यातायात को प्रभावित  किया गया और जबरन दुकानें बंद कराई गईं।   दिल्ली से भोपाल जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को भाजपा और विहिप कार्यकर्ताओं ने आगरा छावनी रेलवे स्टेशन पर करीब डेढ़ घंटे  तक रोके रखा। शहर के कुछ बाजार भी बंद कराए गए।

कर्नाटक के कई हिस्सों में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। दक्षिण  ऊडूपी, मैसूर, कोड्रगू और हुबली, धारवाड़ इलाकों में जन-जीवन प्रभावित हुआ। कुछ क्षेत्रों में बसों के परिचालन में  मुश्किलें आईं। बेंगलूर में बंद का ज्यादा असर नहीं दिखा। यहाँ सरकारी कार्यालयों में कामकाज सामान्य रूप से हुआ। वाहन भी अपनी गति से चलते रहे।

मुंबई समेत महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बंद के दौरान पथराव  की घटनाएँ हुईं। मुंबई के उप-नगर कांदीविली में `बेस्ट' की पाँच बसों को पथराव से नुकसान पहुँचा। मुंबई के वकोला, मलाड,  बोरीविली और घाटकोपर इलाकों में विहिप समर्थकों ने कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात रोक दिया।  इससे कार्यालय पहुँचने वालों को खासी दिक्कतों का सामना करना  पड़ा। पुलिस ने बंद समर्थकों को तितर-बितर कर यातायात बहाल कराया।  महाराष्ट्र के ठाणे जिले से राज्य परिवहन की बसों पर पथराव  की खबरें हैं। विहिप और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जबरन दुकानें बंद  करवाईं।

पंजाब में विधानसभा उपाध्यक्ष सतपाल गोसांई के नेतृत्व में लुधियाना के औद्योगिक इलाकों और अन्य जगहों पर प्रदर्शन  किए गए।  चंडीगढ़ से मिल रही खबरों में कहा गया है कि बंद से भटिण्डा,   अंबाला, रोहतक, लुधियाना, राजपुरा,  फगवाड़ा और करनाल में आम जन-जीवन प्रभावित हुआ है। पुलिस का कहना है कि शहर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जबरन  घुसने का प्रयास कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज में कोई हताहत नहीं हुआ। लुधियाना,  दीना नगर,  राजपुरा,  फगवाड़ा और भटिण्डा में सड़क  और रेल यातायात बाधित होने की खबरें हैं। लुधियाना, अम्बाला और यमुनानगर में संप्रग सरकार के खिलाफ  नारे लगाए गए और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद  का पुतला फूंका गया।

छत्तीसगढ़ में बंद का व्यापक असर देखा गया। शैक्षणिक और वित्तीय  संस्थान बंद रहे। राजधानी रायपुर में सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों  की उपस्थिति कम रही। रायपुर-भिलाई मार्ग पर बंद समर्थकें ने कुछ तिपहिया सवारी  वाहनों पर हमला किया और उन्हें नुकसान पहुँचाया। पूर्वेत्तर राज्य असम में आम जन-जीवन बंद के कारण लगभग पूरी  तरह ठप्प हो गया। राज्य के कुछ हिस्सों से हिंसा की खबरें हैं। राजधानी गुवाहाटी समेत अन्य हिस्सों में पथराव, आगजनी और सड़कों  पर अवरोधक लगाए गए।   झारखंड में पुलिस ने लगभग 800 बंद समर्थकों को हिरासत में  लिया है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और भाजपा के मुख्य सचेतक सी. पी. सिंह भी शामिल हैं।

दक्षिणी राज्य केरल में यातायात पर बुरा असर पड़ा, लेकिन दो पहिया वाहन चलते रहे। बंद को देखते हुए एर्नाकुलम के कई स्कूलों  ने अवकाश घोषित कर दिया। कहीं से किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं है। गुजरात में बंद का ज्यादा असर नहीं दिखा। अधिकतर व्यावसायिक  प्रतिष्ठान, छोटी दुकानें और कार्यालय आम दिनों की तरह खुले रहे। स्कूल, कॉलेज भी खुले रहे  हालाँकि कुछ को जबरन बंद कराने का प्रयास किया गया।   मध्य-प्रदेश की राजधानी भोपाल में बंद से आम जन-जीवन बुरी तरह  प्रभावित हुआ। बिहार में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला।