Our Prime Minister would meet US President Goerge Bush on 9th

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 9 जुलाई को जापान के होक्काइदो में आयोजित समूह आठ सम्मेलन  से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू .बुश से मुलाकात करेंगे, जिसमें  घरेलू राजनीतिक समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया के बाद परमाणु करार पर हुई प्रगति पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है।  मनमोहन की तीन दिवसीय विदेश यात्रा के बारे में बताते हुए विदेश  सचिव शिव शंकर मेनन ने हालाँकि, इस बात का विवरण नहीं दिया कि मुलाकात में क्या चर्चा होगी, लेकिन कहा कि सरकार करार पर `जल्द  से जल्द' आगे बढ़ना चाहेगी। उन्होंने हालाँकि, यह भी कहा कि इस बारे में समय निर्धारित  करना संभव नहीं है। मेनन ने कहा, `हम करार पर उतना जल्द से जल्द आगे बढ़ना चाहेंगे  जितना कि हम बढ़ सकते हैं।'

विदेश सचिव ने यह भी कहा कि अमेरिका जुलाई 2005 के असैन्य  परमाणु सहयोग समझौते के तहत भारत को परमाणु व्यापार में परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (ंएनएसजी) से छूट दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मेनन ने कहा कि भारत एनएसजी सदस्यों के संपर्क में है और करार पर वह `जल्द से जल्द जितना हम बढ़ सकते हैं' आगे बढ़ेगा। होक्काइदो सम्मेलन में शामिल होने जा रहे विश्व नेताओं में से बहुत से एनएसजी के सदस्य भी हैं।

अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य गैरी एकरमैन की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर मेनन ने कहा कि वह समयसीमा के पक्षधर हैं। एकरमैन ने कहा था कि करार के लिए समय गुजरता जा रहा है। मेनन ने कहा, `हम इस पर आगे जाना चाहेंगे। हम इस पर उतना  जल्द आगे बढ़ना चाहेंगे जितना हम बढ़ सकते हैं।'

भारत-ईरान-पाकिस्तान गैस पाइपलाइन परियोजना के बारे में  पूछे गए एक सवाल के जवाब में मेनन ने कहा कि ईरान और पाकिस्तान  के साथ भारत चर्चा लगातार जारी रखेगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके  कि परियोजना वाणिज्यिक और आर्थिक रूप से उपयोगी है तथा इसकी  सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों  पर भी चर्चा जारी रहेगी।

प्रधानमंत्री यहाँ से सोमवार को रवाना होंगे। सम्मेलन से  इतर प्रधानमंत्री द्वारा जी आठ के नेताओं तथा चीन, ब्राजील और  दक्षिण अफ्रीका के नेताओं के साथ बहुत से मामलों पर द्विपक्षीय  वार्ता किए जाने की उम्मीद है।