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हम संप्रग के साथ - सपा
समाजवादी पार्टी ने आज साफ संकेत दिया कि यह संसद में संप्रग सरकार के खिलाफ मतदान नहीं करेगी, लेकिन इस बात की घोषणा करने से भी परहेज किया कि इसने कांग्रेस के साथ कोई समझौता कर लिया है। सपा महासचिव अमर सिंह ने कांग्रेस के साथ समझौता होने के एक दिन बाद संवाददाताओं से कहा, `आज साप्रदायिकता का खतरा साम्राज्यवाद से ज्यादा है। आज वाम दल बसपा भाजपा और चौटाला साथ मिलकर मतदान कर सकते हैं। यदि आपके वामपंथी मित्र सरकार को बसपा और भाजपा के साथ मिलकर पराजित करना चाहते हैं, तो हम कुछ भी नहीं कहना चाहते हैं, लेकिन हम यह काम नहीं कर सकते हैं।' उन्होंने इस बारे में भी कुछ कहने से इनकार कर दिया कि शक्ति परीक्षण की दशा में उनकी पार्टी सदन में क्या करेगी। उन्होंने कहा, `पहले विश्वास प्रस्ताव आने दीजिए उसके बाद हम निर्णय करेंगे।' संवाददाता सम्मेलन में सिंह ने दोहराया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी या प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बातचीत के दौरान कांग्रेस के साथ किसी तालमेल पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा, `न तो उन्होंने हमारा समर्थन मांगा न ही हमने प्रतिबद्धता जतायी। हम अब भी बाहरी हैं। करात और सोनिया गांधी भीतरी हैं। उन्होंने सरकार बनायी है और इसे चला रहे हैं। अब तक कोई तलाक नहीं हुआ है। उन्होंने (वाम ने) सिर्प चेतावनी दी है। यह चेतावनी करीब एक साल से चल रही है।' कांग्रेस के साथ पार्टी की नयी दोस्ती को जायज ठहराते हुए सिंह ने भाजपा पर हमला बोला और कहा, `हमारे लिए साप्रदायिकता साम्राज्यवाद से बड़ा खतरा है। आडवाणी बुश से बड़ा खतरा हैं।' उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कभी कट्टरवादियों के साथ नहीं थी और दोहराया कि उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ भी औपचारिक तौर पर नहीं है। जब उनसे लोकसभा में सरकार को समर्थन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह धर्मनिरपेक्ष बनाम सांप्रदायिक है और न कि परमाणु करार बनाम गैर-परमाणु करार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वाम पार्टियाँ धर्मनिरपेक्ष हैं। अत: यह संकेत दिया कि सपा संप्रग के पक्ष में मतदान करेगी। सपा नेता ने कहा कि पार्टी राष्ट्रीय हित में भारत-अमेरिका परमाणु करार का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि यह `न तो हिन्दू करार है न ही मुस्लिम करार।' सपा ने माकपा नेता प्रकाश करात द्वारा उपलब्ध कराये गये तथ्यों के आधार पर करार का पूर्व में विरोध किया था और अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार प्रधानमंत्री और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जानकारियों से उनका ज्ञानवर्धन हुआ है। सिंह ने कांग्रेस के साथ सौदे की सभी खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, `यदि राम विलास पासवान अपने तीन सांसदों के साथ मंत्री बन सकते हैं, तो लोकसभा में 39 सांसदों के साथ सपा काफी आगे जा सकती है, लेकिन कोई सौदा नहीं है।' बुकमार्क किजिए
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