दहशतगर्दों ने आज विस्फोटकों से भरी एक कार अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित भारतीय दूतावास की इमारत के गेट के भीतर घुसाकर जबर्दस्त धमाके को अंजाम दिया। इसमें चार भारतीय नागरिकों सहित कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई।
दहशतगर्दों ने आज विस्फोटकों से भरी एक कार अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित भारतीय दूतावास की इमारत के गेट के भीतर घुसाकर जबर्दस्त धमाके को अंजाम दिया। इसमें चार भारतीय नागरिकों सहित कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक वरिष्" राजनयिक और एक विशेष रक्षा अधिकारी शामिल हैं। हमले में सुरक्षित बचे भारतीय राजदूत जयंत प्रसाद ने बताया कि विशेष रक्षा अधिकारी ब्रिगेडियर आर. डी. मेहता और काउंसलर वेंकटेश्वर राव उस समय शहीद हो गए, जब आत्मघाती हमलावरों ने सुबह भारतीय दूतावास को निशाना बनाकर हमला किया।
दूतावास के गेट को उड़ाने के लिए किया गया विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि राव का शव उड़कर छत पर चला गया। इस विस्फोट में बाहरी ढाँचे और परिसर के भीतर स्थित भवन क्षतिग्रस्त हो गए। भारतीय दूतावास के दो वाहन भी इस घटना में क्षतिग्रस्त हुए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि विस्फोट में 140 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं । हमले में मारे गए दो अन्य भारतीयों की पहचान आईटीबीपी जवान अजय प"ानिया और रूप सिंह के रूप में की गई है। भारतीय दूतावास का एक अन्य कर्मचारी जो इस हमले में मारा गया, उसकी पहचान नियामतुल्ला के रूप में की गई है। वह स्थानीय अफगान नागरिक है। विस्फोट में तीन भारतीय घायल भी हुए हैं। मरने वाले अन्य लोगों में सात अफगान गार्ड हैं, जो मिशन पर तैनात थे।
विदेश-मंत्री प्रणव मुखर्जी ने नई दिल्ली में कहा कि भारत नलिन सूरी की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय दल इस आपात स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए काबुल रवाना कर रहा है। सूरी सचिव (पश्चिम) हैं। अफगान विदेश-मंत्री रंगीन दादफर स्पंटा ने हमले के तुरंत बाद भारतीय दूतावास का दौरा किया। इस बात का संदेह है कि हमले को तालिबान ने अंजाम दिया है।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नजीब निकजाद ने बताया कि विस्फोट में 41 लोग मारे गए हैं। विस्फोट के बाद अमेरिका नीत ग"बंधन सेना ने इलाके को घेर लिया। अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई ने हमले के लिए भारत और अफगानिस्तान की गहरी मित्रता के `दुश्मनों' को जिम्मेदार "हराया। लेकिन उन्होंने किसी व्यक्ति या संग"न का नाम नहीं लिया। उनके कार्यालय ने एक वक्तव्य में कहा, `राष्ट्रपति ने क"ाsर शब्दों में काबुल स्थित भारतीय दूतावास पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा की है। उनका मानना है कि यह अफगानिस्तान-भारत के मित्रतापूर्ण संबंधों के दुश्मनों का काम है।'
किसी भी समूह ने इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय के निकट स्थित भारतीय दूतावास में विस्फोटकों से लदी टोयोटा कोरोला वाहन को घुसाकर आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट को अंजाम दिया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दूतावास परिसर में घुसते वक्त हमलावर दूतावास के दो वाहनों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था। यह विदेश में किसी भारतीय दूतावास पर पहला बड़ा आतंकवादी हमला है। यह वर्ष 2001 में अमेरिका नीत नाटो सेना द्वारा तालिबान को सत्ता से बेदखल करने के बाद से अब तक का सबसे खतरनाक आतंकवादी हमला है। इस हमले की अमेरिका और पाकिस्तान ने निंदा की है। अफगान विदेश-मंत्री स्पंटा ने कहा कि शत्रु के इस तरह के हमले भारत और अफगानिस्तान के गहरे संबंधों को नुकसान नहीं पहुँचा सकेंगे।
भारतीय दूतावास पर वीजा के लिए लंबी कतार लगाए लोग, नजदीकी बाजार के दुकानदार और सुरक्षाकर्मी हमले का शिकार बने। भारत ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और कहा कि इस तरह की `कायरतापूर्ण' कार्रवाई उसे सरकार और अफगानिस्तान की जनता से किये गए वादों को पूरा करने से नहीं रोक सकेंगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने नई दिल्ली में एक वक्तव्य में कहा, `हम राजदूत के संपर्क में हैं। वह चिकित्सकीय सहायता प्रबंधों की निगरानी कर रहे हैं।'