• मासिक धर्म यदि रुका हो, तो अजवायन चूर्ण का एक चम्मच प्रात एवं एक चम्मच सायं चार दिन लगातार पानी के साथ लें। मासिक धर्म नियमित होने लगेगा।
  • बालों को झड़ने से रोकने के लिए अरंडी का तेल गर्म कर बालों की जड़ों में लगायें व हल्की मालिश करें।
  • शहद की कुछ बूंदों को दूध के साथ मिलाकर चेहरे पर लगायें। प्राकृतिक मॉश्चराइज़र में शहद की अहम् भूमिका है।
  • 15 ग्राम हल्दी चूर्ण को बरगद या आक (आकड़ा) या पीपल के दूध में मिला कर गूंध लें। रात को सोते समय चेहरे पर उसका लेप करें तथा सुबह चेहरा धो लें। कुछ दिनों तक ऐसा करने से झांइयाँ सदा के लिए दूर हो जाती हैं।
  • सुबह शौच के बाद खाली पेट एक ताजी मूली और उसके कोमल पत्ते चबाएँ, थोड़ी-सी मूली पीसकर चेहरे पर भी मलें। यह दोनों प्रयोग एक साथ 7-10 दिन तक करें। झांइयाँ सदा के लिए दूर भाग जायेंगी।
  • मेथी की कड़वाहट कम करने के लिए उसमें थोड़ा-सा नमक लगा दें।
  • मशरूम को अधिक सफेद पकाने के लिए उसके एक चम्मच नींबू का रस डाल दें।
  • पापड़ को पॉलिथीन में डालकर एयरटाइट डिब्बे में बंद करके फ्रिज में रख दें। एकदम ताजे बने रहेंगे।
  • गर्म कपड़ों पर से चाय अथवा कॉफी के दाग हटाने हों तो धोने से पहले उन पर ग्लिसरीन लगाएँ।
  • आइसक्रीम जल्दी जमाने के लिए अल्यूमिनियम के बजाय स्टील के बर्तन का इस्तेमाल करें।
  • पुरानी लेदर बैग पर थोड़ी-सी मोम रगड़कर साफ कपड़े से पोंछ लें, बैग में चमक आ जाएगी।
  • यदि शॉवर के छेद बंद हो गए हों तो उसे निकालकर सिरके से भरे प्लास्टिक बैग में रातभर डुबाकर रखें।
  • हलवा बनाते समय शक्कर को गर्म पानी में घोलकर उसमें डालें। हलवे का स्वाद और बढ़ जाएगा।
  • घी में पान का पत्ता डालकर गर्म करें। ऊपर का मैल छँट जाएगा और घी ज्यादा दिनों तक शुद्ध रहता है।
  • मसाला भूनते समय उसमें थोड़ा-सा दही मिलाने से सब्जी का रंग बेहतर हो जाएगा।
  • सब्जियाँ अच्छी तरह रगड़ कर साफ पानी से धोयें और काट कर तुंत छौंक दें। इससे सब्जी के पौष्टिक तत्व बने रहते हैं।
  • गेहूँ के आटे में थोड़ा-सा चावल का आटा मिला कर रोटी या परांठा बनाएँ, इससे वे सुपाच्य हो जाते हैं।