Jammu and Kashmir Governor N.N. Vohra faces problem with Amarnath Board regarding the land case

अमरनाथ संघर्ष समिति ने अमरनाथ बोर्ड को दी गई जमीन वापस लेने तथा राज्यपाल एन.एन. वोहरा को हटवाने की माँग को लेकर आज से राजभवन के बाहर अनिश्चितकालीन धरना आरंभ किया, हालाँकि इस समिति के घटक रहे बार असोसिएशन ने बेमियादी जम्मू बंद की हिमायत करते हुए अलग से आंदोलन चलाने की बात कही है।

राज्यपाल एन.एन. वोहरा को हटाने की माँग को लेकर संघर्ष समिति के नेताओं ने बुधवार को जम्मू में राजभवन के बाहर अनिश्चितकाली धरना शुरू किया। अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के बुधवार से हड़ताल समाप्त करने के फैसले को जम्मू विरोधी करार देते हुए बार असोसिएशन जम्मू ने कहा कि वह इस आंदोलन जारी रखते हुए शनिवार तक अदालतों का बहिष्कार करेंगे। 35 संगठनों से मिलकर बनी इस समिति के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने राज्यपाल विरोधी, सरकार विरोधी और पीडीपी विरोधी नारे लगाए और शहर में एक रैली भी निकाली। धरने पर बैठे नेता श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को तत्काल भूमि वापस करने की और राज्यपाल को हटाने की माँग कर रहे थे। समिति ने जम्मू में आज वोहरा विरोधी हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया, लेकिन क्षेत्र में बंद को एक हफ्ते के लिए टाल दिया। समिति के प्रवक्ता के अनुसार, हस्ताक्षरों को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। प्रवक्ता ने कहा कि यदि हमारी माँगें सात दिन में पूरी नहीं होती हैं, तो हम क्षेत्र में दोबारा बंद करेंगे।

हालाँकि अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के बुधवार से हड़ताल समाप्त करने के फैसले को जम्मू विरोधी करार देते हुए बार असोसिएशन जम्मू ने कहा कि वह इस आंदोलन जारी रखते हुए शनिवार तक अदालतों का बहिष्कार करेंगे। समिति के फैसले से असंतुष्ट बार असोसिएशन जम्मू ने एक आपातकालीन बैठक में यह निर्णय किया। बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि शनिवार तक अदालतों का बहिष्कार जारी रहेगा और कल वकील काली पट्टियाँ बाँधकर शहर में एक विरोध रैली निकालेंगे।

अमरनाथ श्राइन बोर्ड को जमीन वापस दिलाने के लिए शुरू इस आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए बार असोसिएशन जम्मू में रविवार को जम्मू के सामाजिक व व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगी। इस बैठक में जम्मू डिवीजन की सभी बार असोसिएशन के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। रविवार को होने वाली बैठक में बार असोसिएशन जम्मू बंद करवाने के लिए समर्थन जुटाएगी और अगर असोसिएशन को व्यापारिक व सामाजिक संगठनों का समर्थन मिलता है, तो बार असोसिएशन जारी आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए बेमियादी जम्मू बंद करवाएगी।