Loksabha President Somnath Chaterjee

लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने आज इस बात पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या वाम दलों द्वारा संप्रग सरकार से समर्थन वापस ले लेने के बाद वह अपने पद से इस्तीफा देंगे। ताजा राजनैतिक घटनाक्रम के संदर्भ में उनके अगले कदम के बारे में पूछे जाने पर 79 वर्षीय लोकसभा अध्यक्ष ने संवाददाताओं से कहा, `मैं इसे जानता हूँ। आपको मुझसे इस बारे में कहने की जरूरत नहीं है। आप (लोकसभा अध्यक्ष की) संस्था से न्याय नहीं कर रहे हैं।'

लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के जल्द ही पद से इस्तीफा देने की संभावना है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), फॉरवर्ड ब्लॉक और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) ने आज दोपहर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को समर्थन वापसी के पत्र के साथ अपने-अपने सांसदों के नामों की सूची भी सौंपी है और माकपा के 43 सांसदों की सूची में संभवत: श्री चटर्जी का नाम भी शामिल है। माकपा महासचिव प्रकाश करात ने बाद में पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से चर्चा श्री चटर्जी के इस्तीफे से संबंधित प्रश्नों का तो सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते सभी सांसदों के नाम सूची में शामिल है । उन्होंने कहा कि श्री चटर्जी लोकसभा अध्यक्ष हैं और उनको पार्टी कोई निर्देश नहीं देगा, लेकिन परिस्थितियों के आधार पर वह स्वयं निर्णय ले सकते हैं।

श्री करात के इस वक्तव्य को श्री चटर्जी के इस्तीफे का संकेत माना जा रहा है। खबर है कि श्री चटर्जी ने आज सुबह अपने निवास पर लोकसभा सचिवालय के अधिकारियों के साथ बैठक भी की है और इससे उनके इस्तीफे की खबरों को बल मिला है। श्री चटर्जी के इस्तीफा देने की स्थिति में वामदलों के सांसदों की संख्या 60 हो जाएगी। श्री चटर्जी के इस्तीफा देने से मनमोहन सरकार के लिए मुश्किलें और बढ़ जाएँगी, क्योंकि शक्ति परीक्षण की स्थिति में एक सदस्य को अध्यक्ष बनाना होगा और यह पद सत्तारूढ़ दल या उसके समर्थक दल को मिल सकता है, जिससे उसके समर्थक सांसदों की संख्या कम हो सकती है।