`नव-तेलंगाना प्रजा पार्टी' घोषित
तेदेपा से अलग हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता देवेन्दर गौड़ ने आज नई पार्टी की घोषणा की। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी का नाम नव-तेलंगाना प्रजा पार्टी होगा। पार्टी का झंडे का रंग गहरा नीला होगा। इस झंडे में तेलंगाना का मानचित्र, पुस्तक, फावड़ा, मशाल एवं हल अंकित होगा। उन्होंने बताया कि आज ही पार्टी का पंजीयन कराया जा रहा है। बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए देवेन्दर गौड़ ने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था के अस्त-व्यस्त होने के कारण ही उन्होंने नई पार्टी का गठन किया है। उन्होंने कहा कि पृथक तेलंगाना का गठन ही पार्टी का एकमात्र लक्ष्य होगा। इसी लक्ष्य प्राप्ति के लिए उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी छोड़कर नई पार्टी का गठन किया है। उन्होंने आगे बताया कि पार्टी अधिकारिक तौर पर आगामी 27 अगस्त को निज़ाम कॉलेज ग्राउण्ड में एक विशाल जनसभा का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस जनसभा के ज़रिये पार्टी आम लोगों से बीच जाएगी। इस संदर्भ में देवेन्दर गौड़ ने पार्टी के प्रतीक चिह्न पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पुस्तक को प्रतीक चिह्न में अहमियत दी गयी है। उन्होंने बताया कि तेलंगाना में ज्यादातर लोग निरक्षर है, क्योंकि उनके पास पढ़ने के लिए ना ही पैसे है और ना ही मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यदि तेलंगाना का गठन होता है तो सभी को साक्षर बनाने का प्रयास किया जाएगा और उन्हें मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने दूसरे प्रतीक चिह्न हल पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिन किसानों के पास 10 एकड़ से भी ज्यादा भूमि है उनके पास भी सिंचाई सुविधा उपलब्ध न होने के कारण खेतिहर मजदूर के रूप में वे भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का प्रण लेते हुए हल को प्रतीक चिह्न बनाया गया है। तीसरे प्रतीक चिह्न फावड़ा के बारे में उन्होंने बताया कि फावड़ा मजदूर की पहचान है, लेकिन तेलंगाना में मजदूरों के पास काम न होने से वे अन्य राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मजदूरों को उन्हीं के गाँव में रोज़गार उपलब्ध कराना और उन्हें सभी समस्याओं से मुक्त कराना ही उनका एकमात्र उद्देश्य है। इसीलिए फावड़े को प्रतीक चिह्न बनाया गया है। इसी तरह मशाल को प्रतीक चिह्न बनाये जाने के कारण की जानकारी देते हुए बताया कि मशाल राजनीति चेतना का प्रतीक है। इसलिए इसे पार्टी के झंडे में शामिल किया गया है। अन्त में उन्होंने झंडे का रंग बताते हुए कहा कि यह गहरे नीले रंग में होगा। उन्होंने कहा कि नीलकंठ पक्षी के रंग को आधार बनाकर झंडे का रंग रंगा गया है, क्योंकि नीलकंठ पक्षी को लोग विजय का प्रतीक मानते हैं। उन्होंने बताया कि यह सभी चिह्न तेलंगाना के मानचित्र में समाये हुए हैं। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि तेलंगाना में कृष्णा जल मौजूद होने के बावजूद लोगों को ना ही पेयजल उपलब्ध हो रहा है और ना ही सिंचाई के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी राजनीतिक पार्टियों ने तेलंगाना के साथ धोखाधड़ी की है। इसलिए समय आ गया है कि हमें पृथक तेलंगाना के लिए संघर्ष करना होगा और इसे हासिल करने के बाद इसका खुद विकास करना होगा। दूसरी ओर 12 जुलाई को तेलंगाना कर्मचारी संगठन एवं शिक्षक संगठन द्वारा आयोजित बैठक में तथा 19 को गोदावरी खनी में आयोजित धरने में देवेन्दर गौड़ एवं पेद्दी रेड्डी उपस्थित रहेंगे। इसी तरह 27 अगस्त को हैदराबाद के निज़ाम कॉलेज मैदान में जनसभा का आयोजन किया जाएगा। 27 अगस्त के बाद ज़िला स्तर पर विभिन्न समस्याओं को लेकर देवेन्दर गौड़ की पार्टी संघर्ष करेगी। बुकमार्क किजिए
इस लेख से सम्बंधीत |
|