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महँगाई ने बढ़ाया एक और कदम
आवश्यक खाद्य पदार्थों और कुछ विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी के कारण मुद्रास्फीति की दर 28 जून को समाप्त हुए सप्ताह में बढ़कर 11. 89 फीसदी हो गई है। सीमेंट और खाद्य तेल जैसे उत्पादों की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी भारतीय रिजर्व बैंक को 29 जुलाई को होने वाली तिमाही समीक्षा के दौरान मौद्रिक आपूर्ति और सख्त करने के लिए प्रेरित कर सकती है। जून 28 को समाप्त सप्ताह के दौरान मुद्रास्फीति में 0.26 फीसदी बढ़ोत्तरी जबकि इसके पिछले सप्ताह 21 जून को सप्ताह के दौरान यह 11. 63 फीसदी के स्तर पर थी। पिछले साल की समीक्षाधीन अवधि के दौरान मुद्रास्फीति की दर 4.42 फीसदी थी। फल, सब्जी, दाल, बाजार और मसालों की कीमतों में बढ़ोत्तरी के कारण थोक मूल्य सूंचकांक आधारित मुद्रास्फीति में बढ़ोत्तरी हुई। सरकार की मूल्य-वृद्धि को नियंत्रित करने की कोशिशों के बावजूद समीक्षाधीन अवधि के दौरान सीमेंट और खाद्य तेल जैसे उत्पादों की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई। बढ़ती मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक को इस महीने के अंत में होने वाली मौद्रिक समीक्षा के दौरान सीआरआर और रेपो दर में और वृद्धि करने पर मजबूर कर सकती है। रिजर्व बैंक ने पहले ही मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए 24 जून को रेपो दर और सीआरआर में 0. 5 फीसदी की बढ़ोत्तरी की थी। आवश्यक उत्पादों की कीमतें लगभग स्थिर रहीं : वित्त मंत्रालयमुद्रास्फीति के 13 सालों के उच्चतम स्तर 11.89 फीसदी पर पहुँच जाने से पैदा हुई आशंकाओं को दरकिनार करते हुए वित्त मंत्रालय ने आज कहा कि आवश्यक जिंसों की कीमतें लगभग स्थिर रही हैं। मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि अनाज, दाल, खाद्य तेल, सब्जी, डेयरी उत्पाद जैसे आवश्यक उत्पादों और केरोसिन, साबुन, माचिस जैसे कुछ अन्य जिंसों की कीमतें लगभग स्थिर रहीं। वित्त मंत्रालय का बयान 30 जिंसों की सालाना मुद्रास्फीति के आकलन पर आधारित है। इन चुनिंदा जिंसो की मुद्रास्फीति 28 को समाप्त सप्ताह के दौरान 5. 98 फीसदी थी जो इसके पिछले सप्ताह के दौरान 5. 89 फीसदी थी। बयान में कहा गया `कुल 98 प्राथमिक उत्पादें के समूह में से 12 उत्पादों की कीमतों में पिछले सप्ताह के आँकड़ों के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई। इनमें गेहूँ, चावल, मक्का, लहसन, बंदगोभी, जीरा, काली मिर्च, अदरक और तिल शामिल हैं। अन्य 55 उत्पादों की कीमतों में कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई।' विनिर्मित उत्पादों के मामले में कुल 320 में से 278 जिंसों की कीमतों में पिछले सप्ताह कोई बढ़ोत्तरी दर्ज नहीं हुई। जिन 16 जिंसों की कीमतों में गिरावट दर्ज हुई उनके बारे में मंत्रालय ने कहा `इन उत्पादों में सीसा की सिल्लयाँ, पेन्सिलीन, आयातित, खाद्य तेल, पिग आयरन, इस्पात उत्पाद, कपास के बीज का तेल और गैर आयल्ड केक शामिल है।' मंत्रालय ने कहा कि ईंधन, बिजली और लाईट समूह में कीमतों में स्थिरता दिखी। मूलत: पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोत्तरी के कारण मुद्रास्फीति दोहरे अंकों में पहुँच गई है। बुकमार्क किजिए
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