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कलाम पर बरसे भाजपाई
भाजपा ने आज पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पर निशाना साधते हुए उनसे सीधा सवाल किया कि उन्हें यह `इल्हाम' कैसे हो गया कि परमाणु करार देश हित में है। साथ ही उनसे माँग की कि वह उस आधार को बताएँ जिसके कारण वह इसके विरोधी से समर्थक बन गए। पार्टी की ओर से उसके दो वरिष्ठ नेताओं यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने यहाँ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि परमाणु करार के विरोधी से समर्थक बनने के लिए `कलाम के पास कोई नया तर्क नहीं है।' सवालों के जवाब में शौरी ने कहा, `इस मामले में हम कलाम का नाम नहीं घसीटना चाहते थे, लेकिन क्योंकि वह खुद इसमें आगे आ गए हैं और समाजवादी पार्टी ने उनके नाम की शरण ली है, इसलिए हमें कहना पड़ रहा है।' उन्होंने बताया, `दो-तीन महीने पहले कलाम के कार्यालय से फोन आया कि वह उनसे मिलना चाहते हैं। एक घंटे हम दोनों के बीच चर्चा हुई और उसके बाद मुझे उन्हें दु:ख के साथ कहना पड़ा कि उनके पास कोई नया तर्क नहीं है। आप तो इसका विरोध कर रहे थे, अब क्या हुआ।' शौरी ने दावा किया कि कलाम ने सुझाव रखा कि क्यों न संसद में प्रस्ताव पारित कर के देश की जनता को आश्वासन दिया जाए कि हाईड एक्ट भारत पर लागू नहीं होगा। शौरी के अनुसार, इस पर उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति से कहा, `क्या हम जनता को बेवकूफ बनाएँ।' |
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