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डोपिंग के दोषी आसिफ
पाकिस्तान के मध्यम गति के गेंदबाज मोहम्मद आसिफ आज तब फिर से डोपिंग विवाद में फंस गये, जब यह खुलासा किया गया कि इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान उनका परीक्षण पॉजीटिव पाया गया था, जिसके लिए उन्हें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से दो साल के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है। प्रतिभाशाली गेंदबाज और अपनी सटीकता के कारण बल्लेबाजों को परेशानी में डालने वाले आसिफ आईपीएल में दिल्ली डेयर डेविल्स की तरफ से खेले थे। कहा जा रहा है कि आईपीएल के दौरान विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के मानकों के अनुरूप आठ खिलाड़ियों का परीक्षण किया गया और केवल आसिफ ही पॉजीटिव पाये गये। आईपीएल ने आज घोषणा की कि उसने आसिफ को इस बारे में सूचित कर दिया है। एक महीने के अंदर यह ऐसी दूसरी घटना है, जिससे आसिफ को शर्मसार होना पड़ा। वह पिछले महीने जब इस टूर्नामेंट में भाग लेकर स्वदेश लौट रहे थे, तो उन्हें ड्रग रखने में आरोप में दुबई में 19 दिन तक हिरासत में रखा गया था। आसिफ `बी' नमूने की जाँच का आग्रह कर सकता है। यह नमूना भी `ए' नमूना लेते समय ही लिया गया था। ऐसी दशा में वह और उनके प्रतिनिधि के अलावा आईपीएल अधिकारी को उस नमूने की जाँच प्रक्रिया का साक्षी बनने का अधिकार होगा। आईपीएल ने एक बयान कहा, `इस बात की भी जाँच की गई कि क्या आसिफ ने किसी रोग के उपचार की दवा लेने के लिए कोई आवेदन किया था और क्या उन्हें इस दवा को लेने की अनुमति मिली थी, लेकिन जाँच में पाया गया कि आसिफ ने इस तरह का कोई आवदेन नहीं किया था। इस मामले में खिलाड़ी उसके संबंधित बोर्ड और खिलाड़ी के दिल्ली डेयरडेविल्स को लिखित में वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। हालाँकि आसिफ के पास अपने `बी' सैंपल की जाँच के लिए आग्रह करने का अधिकार होगा। `बी' सैंपल भी उसी समय लिया गया था, जब उनका औचक टेस्ट किया गया था। इस जाँच में आसिफ को अपने प्रतिनिधि और आईपीएल के प्रतिनिधि के साथ मौजूद रहने की अनुमति होगी। अगर 25 वर्षीय आसिफ का `बी' नमूना भी पॉजीटिव पाया गया, तो सुनील गावस्कर, डॉ. रवि बापट और शिरीष गुप्ते के नेतृत्व वाला आईपीएल ड्रग पंचाट इस तेज गेंदबाज के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगा। गौरतलब है कि आईपीएल ने आज यहाँ जारी एक बयान में कहा कि आसिफ प्रतिबंधित दवा लेने के दोषी पाए गए हैं। आसिफ आईपीएल टूर्नामेंट में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम की तरफ से खेले थे। आसिफ का दिल्ली डेयरडेविल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच सेमीफाइनल के बाद औचक डोप टेस्ट किया गया था। आईपीएल ने स्विजरलैंड स्थित प्रयोगशाला के परिणाम को वाडा के नियमों के अनुसार, टूर्नामेंट के दौरान औचक जाँच करने वाली स्वीडन की स्वतंत्र एजेंसी आईडीटीएम के नमूने से मिलाया। इसके बाद इस बात की पुष्टि की गई कि प्रतिबंधित दवा का सेवन करने वाला उप-महाद्वीप का तेज गेंदबाज कोई और नहीं बल्कि आसिफ ही हैं। अपने पहले सत्र में भारी सफलता हासिल करने वाला आईपीएल टूर्नामेंट इस वर्ष 18 अप्रैल से एक जून खेला गया था। आसिफ को आईपीएल टूर्नामेंट खेलने के बाद स्वदेश लौटते हुए दुबई हवाई अड्डे पर अपने बटुए में प्रतिबंधित पदार्थ रखने के कारण 19 दिनों तक हिरासत में रखा गया था। हालाँकि बाद में उन्हें बिना किसी आरोप के पाकिस्तान भेज दिया गया था। आसिफ के दुबई से छूटने का मामला अभी ठंडा पड़ा ही नहीं था कि उनके आईपीएल में डोपिंग में पकड़े जाने की सनसनीखेज खबर सामने आ गई है। इस बीच, आईपीएल के अध्यक्ष और कमिश्नर ललित मोदी ने कहा कि लीग डोपिंग संबंधी मामलों में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नियमों का कड़ाई से पालन करेगी। इससे पहले मोदी ने एक बयान में कहा था कि स्विटजरलैंड स्थित प्रयोगशाला ने आईपीएल को बताया है कि एक खिलाड़ी को प्रतिबंधित दवा लेने का दोषी पाया गया है। गौरतलब है कि आईपीएल टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों की औचक जाँच की गई थी। यह जाँच स्वीडन स्थित एक स्वतंत्र एजेंसी आईडीटीएम ने की थी। यह जाँच विश्व डोपिंग रोधी संस्था (वाडा) के नियमों के तहत की गई थी। इसके बाद आईडीटीएम ने खिलाड़ियों के नमूने को जाँच के लिए वाडा को भेज दिया, जिसका परीक्षण स्विट्जरलैंड की प्रयोगशाला में किया गया। बुकमार्क किजिए
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