Samajwadi Party Leader Amar Singh

समाजवादी पार्टी के नेता अमर  सिंह ने आज भाजपा नेता एवं प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी को `दलाल सलाम' संबन्धी उनकी टिप्पणी को लेकर उन्हें  आड़े हाथों लिया। अमर सिंह ने यहाँ संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ऐसा  लगता है कि यह टिप्पणी उन्हें इंगित करके की गई है। उन्होंने  कहा कि आडवाणी जैसे वरिष्ठ नेता से उन्हें ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं थी।

सिंह आडवाणी की उस टिप्पणी का हवाला दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पहले कहती थी `लाल सलाम' अब कहेगी `दलाल सलाम।' सपा नेता ने कहा कि वह आडवाणी का काफी सम्मान करते हैं, लेकिन  उनकी इस तरह की भाषा ने उन्हें व्यथित एवं दु:खी किया है। उन्होंने  कहा कि ऐसा लगता है कि आडवाणी प्रधानमंत्री बनने की अपनी महत्वाकांक्षा पूरी होता न देख हताश होकर इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे  हैं।

सपा नेता ने संवाददाताओं को आडवाणी की पुस्तक `मेरा देश मेरा जीवन' की एक प्रति दिखाई और कहा कि आडवाणी ने यह पुस्तक उन्हें भेंट की है। उन्होंने कहा कि आडवाणी ने पुस्तक विमोचन  समारोह में आने के लिए उन्हें आमंत्रित किया था और जब वह उस  कार्यक्रम में नहीं गये तो आडवाणी ने वह पुस्तक उनके घर भिजवाई। उन्होंने कहा कि तीन-चार महीने पहले तक मैं दलाल नहीं था और अब इतना बड़ा दलाल हो गया। सपा मुख्यालय में आयोजित इस संवाददाता सम्मेलन में पार्टी  संसदीय दल के नेता राम गोपाल यादव और पार्टी के युवा नेता एवं मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश यादव तथा कुछ अन्य सांसद भी मौजूद थे। अमर ंिसह ने कहा कि आडवाणी की ही पार्टी के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने केन्द्र की कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार को गिराने  के प्रताव के साथ सपा से दो बार संपर्क किया था।

भाजपा की इस टिप्पणी पर कि परमाणु करार पर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की राय अंतिम नहीं हो सकती  सपा नेता ने कहा  कि परमाणु मामले को कलाम ज्यादा जानते  हैं और एक व्यक्ति एवं वैज्ञानिक के रूप में उनकी प्रामाणिकता और विश्वसनीयता भाजपा  नेताओं से कहीं ज्यादा है। अगर वे कलाम पर हमला बोलेंगे तो जनता  की नजरों में वे खुद तार-तार हो जाएँगे।

सिंह ने कहा कि सपा पहले भी वामपंथियों के लिए `लाल सलाम' कहती  थी और आगे भी कहती रहेगी। उन्होंने 25 करोड़ रुपये में सांसदों की खरीद-फरोख्त के भाकपा नेता ए. बी. बर्धन के आरोप के बारे में पूछे जाने पर आश्चर्य  व्यक्त करते हुए कहा कि अच्छा रहता वे तथ्यों के साथ प्रमाण सामने  लाते। यह पूछे जाने पर कि संप्रग सरकार लोकसभा में बहुमत का आँकड़ा कैसे जुटायेगी उन्होंने कहा `बहुमत का आँकड़ा कहाँ से आयेगा यह 22 जुलाई को बतायेंगे। उन्होंने विश्वास मत में संप्रग सरकार के विजयी होने के प्रति उम्मीद जताते हुए कहा कि सब मिलकर सरकार परमाणु करार और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करेंगे।