Raj Thakre

उत्तर भारतीयों के खिलाफ एक बार फिर आग उगलते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने सभी स्कूलों से पहली से दसवीं कक्षा तक मराठी भाषा अनिवार्य करने तथा दुकानों एवं प्रतिष्ठानों से केवल मराठियों को ही नौकरी पर रखने की चेतावनी दी है।

श्री राज ठाकरे ने कल यहाँ पत्रकारों से बातचीत में उम्मीद जतायी कि अगले शिक्षा सत्र से सभी स्कूल मराठी भाषा अनिवार्य कर देंगे। उन्होंने कहा कि मराठियों को नौकरी पर रखने के लिए वह सभी दुकानों एवं प्रतिष्ठानों को चिट्टी भेज रहे हैं और यदि उन्होंने उनकी बात नहीं मानी तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।  मनसे प्रमुख ने कहा कि वह पहली बार ये मुद्दे नहीं उठा रहे हैं, जब वह शिवसेना में थे तब भी उन्होंने ये मुद्दे उठाये थे, लेकिन उस समय उनकी आवाज दबा दी गयी थी। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों में स्थानीय भाषा बोली जाती है इसलिए उत्तर भारतीयों को वहाँ जाने का साहस नहीं होता। उन्होंने कहा कि मुम्बई से 82 प्रतिशत मनीआर्डर उत्तर-प्रदेश और बिहार भेजा जाता है। श्री ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब वह जानना चाहते हैं कि मुम्बई से किन-किन से कर वसूला जाता है और उसका कितना हिस्सा कितने अविकसित राज्यों को जाता है तो संघ कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करता है, लेकिन जब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी इसी तरह के मुद्दे को उठाते हुए कहते हैं कि उनका राज्य केंद्र को कर नहीं देगा तब चुप्पी साध लेता है।