आसिफ निलंबित रहम न दिखाओ : पूर्व क्रिकेटर
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने आज तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ को इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान डोपिंग में पकड़े जाने के कारण निलंबित कर दिया और इस मामले में आईपीएल ड्रग्स पंचाट को जाँच में सभी तरह से मदद करने का वादा किया। पीसीबी के मुख्य परिचालन अधिकारी शफकत नगमी ने कहा कि बोर्ड इस मामले में आईपीएल पंचाट के फैसले को मानेगा। नगमी ने पत्रकारों से कहा, `हमने आसिफ को निलंबित कर दिया है, हालाँकि उसे आईसीसी डोपिंग रोधी नियमों के तहत अपील करने का अधिकार होगा।' उन्होंने बोर्ड के वकील तफाज्जुल रिजवी की मौजूदगी में कहा, `पीसीबी आईपीएल ड्रग्स पंचाट को हर तरह की मदद करने की पेशकश करेगा तथा उसके फैसले को मानेगा। वह जाँच प्रक्रिया में भी शामिल हो सकता है।' उन्होंने कहा कि बोर्ड को आसिफ का डोप परीक्षण पॉजीटिव पाये जाने के बारे में कल जानकारी मिली थी। एक के बाद एक डोपिंग मामलों से आहत पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों ने पीसीबी से मोहम्मद आसिफ के प्रति किसी तरह का रहम न दिखाने का आग्रह किया है, जिन्हें आईपीएल के दौरान प्रतिबंधित दवा सेवन का दोषी पाया गया था। पूर्व कप्तान जावेद मियाँदाद ने कहा, `अब समय आ गया है, जबकि बोर्ड को उन खिलाड़ियों की मदद करना बंद कर देना चाहिए, जो देश का नाम बदनाम कर रहे हैं। यह समय ही बताएगा कि वह निर्दोष है या नहीं, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि आसिफ ने एक बार नहीं, बल्कि कई बार पाकिस्तान क्रिकेट की छवि धूमिल की है।' मियाँदाद ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान क्रिकेट की छवि धूमिल करने के लिए बोर्ड को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, `खिलाड़ी अपने व्यवहार के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन बोर्ड ने भी उनकी हरकतों को नजरअंदाज करके और उनके खिलाफ कड़े कदम न उठाकर उन्हें अनुशासनहीनता के लिए उत्साहित किया। उन्होंने कहा, `बोर्ड ने वर्ष 2006 में शोएब अख्तर और आसिफ के प्रति नरमी दिखायी थी। पिछले महीने आसिफ के दुबई में पकड़े जाने पर उसकी प्रतिक्रिया आहत करने वाली थी। इसलिए अब यदि वह डोपिंग के एक अन्य मामले का सामना कर रहे हैं, तो वह भी इसके लिए बराबर के दोषी हैं और उसे बर्खास्त किया जाना चाहिए।' |
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