मनमोहन सरकार का गिरना तय : भाजपा
सरकार के विश्वासमत हासिल करने की तारीख करीब आते देख राजनीतिक दलों द्वारा बनाये जा रहे मनोवैज्ञानिक दबाव के बीच भाजपा ने आज दावा किया कि कांग्रेस के कुछ सांसदों सहित कई निर्दलीय और छोटे दलों के सांसद उसके संपर्क में हैं और मनमोहन सरकार का 22 जुलाई को गिरना निश्चित है। लोकसभा में भाजपा के उप-नेता और पार्टी के संसदीय दल के प्रवक्ता विजय कुमार मलहोत्रा ने आज संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, `न सिर्फ राजग के घटक दल पूरी तरह एकजुट हैं, बल्कि सरकार गिराने के लिए कांग्रेस के कुछ सांसद असंबद्ध और निर्दलीय सांसद तथा कुछ छोटी पार्टियों के सांसद भी भाजपा के संपर्क में हैं।' उन्होंने कहा कि सरकार को बचा पाने का कांग्रेस का विश्वास `निराधार' है और 22 जुलाई को `संप्रग सरकार का गिरना तय है।' विश्वास मत के खिलाफ भाजपा का साथ देने वाले कांग्रेस सांसदों और छोटे दलों के बारे में पूछे जाने पर मल्होत्रा ने कहा कि मत विभाजन से पहले पार्टी अपनी रणनीति उजागर नहीं करेगी। सरकार का अस्तित्व बचाने के `असफल प्रयास' में कांग्रेस द्वारा धन शक्ति और ब्लैकमेल सहित हर तरह के हथकंडे अपनाने का आरोप लगाते हुए मल्होत्रा ने कहा कि इस मामले की सीबीआई से जाँच करायी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार गिरने के बाद इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जाँच करायी जाएगी। मल्होत्रा ने यह आरोप भी लगाया कि मुकेश अंबानी सहित तीन बड़े उद्योगपतियों ने इन दिनों प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। ऐसा करके सांसदों को यह संकेत दिया जा रहा है कि उनकी `खरीद-फरोख्त में धन की कोई कमी नहीं आएगी।' विश्वास मत को लेकर पार्टी की रणनीति के बारे में मल्होत्रा ने बताया कि सरकार गिराने की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए 17 जुलाई गुरुवार को पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने अपने निवास पर राजग के सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलायी है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा भाजपा और राजग के अन्य सभी घटक दलों ने अपने अपने सांसदों को 20 जुलाई तक राष्ट्रीय राजधानी पहुँचने का व्हिप जारी कर दिया है। राजग के सभी सांसदों को आडवाणी ने अपने निवास पर 20 तारीख को ही रात्रिभोज पर आमंत्रित किया है। इस बैठक में 21 जुलाई से शुरू होने वाले लोकसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के दौरान सदन में अपनायी जाने वाली रणनीति पर चर्चा होगी। मल्होत्रा ने दावा किया कि कांग्रेस का आँकड़ा 250 को पार नहीं कर पाएगा। यह सरकार `एक श्राप' है और देशहित वाली नहीं है। इस सरकार से जितनी जल्दी छुटकारा मिले उतना अच्छा है। |
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