Nuclear

भारत अपनी परमाणु बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 10,000 मेगावाट करने के लिए 700 मेगावाट क्षमता के आठ परमाणु संयंत्र बनाने की योजना बना रहा है। परमाणु ऊर्जा आयोग के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा नये यूरेनियम भंडार खोजने पर भी जोर दिया जा रहा है।

मौजूदा समय में देश में 4000 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है, लेकिन इसके परमाणु संयंत्रों को यूरेनियम की कमी का सामना करना पड़ रहा है। यूरेनियम ईंधन की कमी के चलते मौजूदा संयंत्र अपनी क्षमता का करीब 50 प्रतिशत ही उत्पादित कर रहे हैं।

अधिकारी ने कहा कि यूरेनियम के ज्ञात भंडारों के अनुसार देश  सिर्फ 10,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि अब यूरेनियम नये खनन और खनन प्रसंस्करण पर जोर देना है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के निदेशक श्रीकुमार बनर्जी ने यहाँ प्रेस ट्रस्ट को एक साक्षात्कार में बताया  `नयी खानों के तैयार  होने और यूरेनियम का उत्पादन बढ़ने के मद्देनजर हमने 700 मेगावाट  क्षमता के आठ नये संयंत्र बनाने की योजना बनायी है। इसके लिए संरचना  तैयार है। हम जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर देंगे। हम ईंधन  का इंतजार कर रहे हैं।' उन्हेंने कहा कि आठ संयंत्र बनने के बाद कुल क्षमता 9,600 मेगावाट हो जाएगी।

परमाणु ऊर्जा आयोग के सदस्य बनर्जी ने कहा `हमें नयी खदानें  मिलने की उम्मीद है, क्योंकि देश की भूगर्भिक संरचना ऐसी है जिससे नयी यूरेनियम खदानों की उम्मीद जगती है।' उन्होंने कहा कि राजस्थान और कर्नाटक में नयी यूरेनियम खदानें  मिल सकती हैं।

उनके मुताबिक खदानों की खोज के लिए कोशिशें की जा रही हैं। उन्हेंने कहा `हम गहराई पर सर्वेक्षण करेंगे। अब तक अधिकांश सर्वेक्षण सतह के निकट हुए हैं। अब हम नयी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल  से अधिक गहराई पर सर्वेक्षण करने में सक्षम होंगे। इससे यूरेनियम की संभावनाओं के बारे में पता चलेगा।'