गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि हम देश और राजनीति दोनों को ऊर्जा देना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य ऊर्जा के क्षेत्र में देश की जरूरतों की अधिक से अधिक पूर्ति में अपना अधिकतम योगदान देना है। नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात स्टेट पेट्रोलियम . .
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि हम देश और राजनीति दोनों को ऊर्जा देना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य ऊर्जा के क्षेत्र में देश की जरूरतों की अधिक से अधिक पूर्ति में अपना अधिकतम योगदान देना है। नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के केजी-22 तेल एवं गैस उत्खनन प्लेटफार्म के `दीनदयाल ब्लॉक' की अपनी यात्रा के बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये यहाँ संवाददाताओं को संबोधित किया।
संप्रग सरकार के 22 जुलाई को पेश होने वाले विश्वास प्रस्ताव के संबंध में कांग्रेस के दो सांसदों को अपनी पार्टी के पाले में मतदान के लिए लाने की खबरों के बारे में जब नरेन्द्र मोदी से पूछा गया तो उन्होंने कहा `मैं ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर रहा हूँ और किसी भी तरह की ऊर्जा से सबका लाभ होता है। आप इसका जो भी अर्थ निकालें।' ऊर्जा और राजनीति के क्षेत्र में गुजरात के योगदान के बारे में उन्होंने कहा `जब घर में चावल पकाया जाता है तो हर दाने को नहीं देखा जाता। घर की गृहणियाँ दो-चार चावल को देख कर उसके पके होने का अंदाजा लगा लेती हैं।'
उन्होंने कहा `प्राकृतिक संपदा हमको भारत माता ने दी है। यह केवल गुजरात की नहीं बल्कि पूरे भारत की है। सम्पूर्ण देश को ऊर्जा देने में गुजरात को आनंद की प्राप्ति होगी।' नरेन्द्र मोदी ने कहा `ऊर्जा के क्षेत्र में गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए हम प्रदेश के गरीब वर्ग के लोगों को अधिक से अधिक फायदा पहुँचाना चाहते हैं।'
उन्होंने कहा `विदेशी संस्थागत निवेशक इस कार्य में हमें वित्तीय सहायता देने को तैयार हैं, लेकिन हमारी वित्तीय स्थिति काफी सुदृढ़ है इसलिए हमें इस कार्य में वित्तीय मदद की जरूरत नहीं है। हम बाहर से तकनीकी सहयोग ले सकते हैं।'
मोदी ने कहा `हमने ग्रामीण क्षेत्रों में घरों में पाइप के माध्यम से गैस की आपूर्ति का काम शुरू किया है। इस संबंध में 1400 किलोमीटर में काम पूरा किया जा चुका है।' उन्होंने कहा `हमने गांधीनगर में `पेट्रोलियम विश्वविद्यालय' की स्थापना की है जो इस क्षेत्र में पेशेवरों की उत्कृष्ट पौध तैयार करने में मदद करेगा।' उन्होंने कहा `जीएसपीसी ने इतनी गर्मी इतनी गहराई और इतने अधिक वायुमंडलीय दबाव में काम किया है जो पूरे विश्व के लिए शोध का विषय है। अगर हम इस पर शोध करें तो यह इस क्षेत्र में पूरे विश्व के लिए मॉडल बन सकता है।'