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मलकानगिरी में पुलिसकर्मियों के दल पर हमले के लिए जिम्मेदार नक्सलियों की तलाश में आज उड़ीसा पुलिस ने सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हमले में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को मुआवजा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की बीमा राशि के साथ चार-चार लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और राज्य पुलिस के विशेष कार्यबल द्वारा संयुक्त रूप से मलकानगिरी और इसके आसपास के क्षेत्रों में नक्सलियों की गहन तलाश की जा रही है। तलाशी अभियान में राज्य पुलिस भी अपने स्तर से प्रयास कर रही है। इस बीच केंद्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने कहा है कि राज्य में नक्सलियें के बढ़ते आतंक को केंद्र सरकार गंभीरता से ले रही है। हाल ही में मलकानगिरी में हुए दो बड़ी घटनाओं को देखते हुए सरकार ने इन क्षेत्रों में तैनात पुलिस बलों को नक्सलियों से निपटने के लिए विशेष परिक्षण देने की योजना बनाई है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत जंगल संघर्ष और नक्सलियों के हमलों के खिलाफ जवाबी कार्यवाई के लिए सुरक्षाबलों विशेष परिक्षण दिया जाएगा। इन ट्रेनिंग संस्थानों को सालभर के भीतर स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियानवयन के लिए राज्य सरकार से लगातार चर्चा की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि मलकानगिरी जिले में बुधवार को नक्सलियों द्वारा किए गए बारूदी सुरंग विस्फोट में 24 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। पुलिसकर्मियों का दल बम निरोधी वाहन से एमीवी-41 गांव से लौट रहा था, जहां मंगलवार रात नक्सलियों ने एक ठेकेदार के घर और पांच वाहनों को पूंक दिया था। मौके से लौटते समय नक्सलियों ने एमीवी-41 गाँव के पास बारूदी सुरंग विस्फोट के जरिए पुलिस के वाहन को उड़ा दिया। इस घटना में वेन में सवार सभी पुलिसकर्मियों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी।