विशेष श्रेणीइस लेख को |
एक पंक्ति का होगा विश्वास प्रस्ताव
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह संसदीय प्रक्रिया व कार्यप्रणाली के मुताबिक सदन में विश्वास मत हासिल करने के लिए 21 जुलाई को एक पंक्ति का प्रस्ताव पेश करेंगे। कुछ संभावित संशोधनों के साथ पंक्ति होगी, `यह सदन मंत्रिपरिषद में अपना विश्वास जताता है।' लोकसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि नियम 184 के तहत पेश किए जाने वाले इस प्रस्ताव में किसी मुद्दे विशेष का जिक्र नहीं किया जाएगा। विभिन्न दल चाहें तो 22 जुलाई की वोटिंग से पहले बहस प्रक्रिया के दौरान किसी भी मुद्दे को उठा सकते हैं। मतदान के दिन सदन के पीठासीन अधिकारी को उसी स्थिति में मतदान का अधिकार होगा, जब पक्ष व विपक्ष में बराबर (टाई) वोट पड़ें। सोमनाथ के इस्तीफे की स्थिति में उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह अटवाल सदन के दो दिवसीय विशेष सत्र में कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगे। सांसदों के एक-एक वोट जुटा रही मनमोहन सरकार को बुधवार को तब कुछ राहत मिली जब यूपीए गठबंधन में शामिल पार्टियों के जेल में बंद दो सांसदों को पटना हाईकोर्ट ने विश्वास मत में शामिल होने की मंजूरी दे दी। शिवकृति सिंह और अभिजीत सिन्हा की डिवीजन बेंच ने राजद के सांसद मो. शहाबुद्दीन व लोजपा के सूरजभान सिंह को दिल्ली जाने की इजाजत दे दी। दोनों विभिन्न आपराधिक मामलों में उम्रकैद की सजा भोग रहे हैं। मंगलवार को सांसद अतीक अहमद को भी इलाहाबाद कोर्ट से मंजूरी मिल गई थी। फिलहाल उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इस बीच, बसपा ने उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जेल में बंद सपा सांसद अफजल अंसारी पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। इसी कोशिश के तहत बसपा सांसद अकबर अहमद ने बुधवार को अंसारी से मुलाकात की। आरपीआई नेता व लोकसभा सांसद रामदास आठवले ने मुंबई में कहा कि वे विश्वास मत के दौरान यूपीए सरकार के समर्थन में वोट देंगे। संप्रग सरकार के लिए एक और बुरी खबर है कि सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन कर रहे उत्तर-प्रदेश के एक निर्दलीय लोकसभा सदस्य ने आज कहा कि 22 जुलाई को विश्वास मत के दौरान वह सरकार के विरोध में मत देंगे। अमरोहा के सांसद हरीश नागपाल ने अपना फैसला यहाँ भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में सुनाया और आरोप लगाया कि सरकार परमाणु करार पर पारदर्शी नहीं है। इसके अतिरिक्त एक सांसद वाली नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी (एनएलपी) ने आज कहा कि वह सरकार के विरुद्ध मतदान करेगी। एनएलपी के अध्यक्ष अरशद खान ने कहा कि उनकी पार्टी अपने सांसद बालेश्वर यादव को 22 जुलाई को लोकसभा में संप्रग सरकार के विरुद्ध मतदान करने के लिए व्हिप जारी करेगी, क्योंकि वह अमेरिका के साथ परमाणु करार के खिलाफ है। गोविंदा कितने अनजान!अभिनेता व कांग्रेस सांसद गोविंदा विश्वास मत के दौरान लोकसभा में गैरहाजिर रह सकते हैं। माना जा रहा है कि वे उसी दिन अपनी फिल्म की शूटिंग के लिए लंदन रवाना हो रहे हैं। गोविंदा से संपर्प करने पर उन्होंने कहा कि परमाणु करार के बारे में और विश्वास मत पर मतदान कब होने वाला है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। कुल मतलोकसभा में इस वक्त कुल 543 सांसद हैं। इनमें 21 जुलाई को शपथ लेने वाले सात सांसद और अध्यक्ष व उपाध्यक्ष भी शामिल हैं। एक सदस्य के अध्यक्ष पद पर रहने के कारण असल संख्या 542 रह जाती है। इनमें से भी एक सांसद वोटिंग नहीं कर पाएगा, क्योंकि उसकी सदस्यता समाप्त कर दी गई है। यदि सभी सांसद उपस्थित रहते हैं तो कुल 541 मत डाले जाएंगे। अगर ऐसा हुआ तो...सदन की प्रक्रिया के नियमों के अनुसार, जिस सत्र में विश्वास मत हासिल किया जा रहा है उस सत्र में अविश्वास मत का प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता। यदि 22 जुलाई को विशेष सत्र को समाप्त घोषित नहीं किया जाता है तो मानसून सत्र को इसी सत्र का विस्तार माना जाएगा। नवनिर्वाचित सांसद लेंगे शपथ :14वीं लोकसभा के इस 14वें सत्र की शुरुआत के मौके पर हाल ही में चयनित सात सदस्य शपथ लेंगे। इनमें इंदिरा के. रेड्डी (कांग्रेस) आदिलाबाद से, के. चंद्रशेखर राव (तेलंगाना राष्ट्र समिति) करीमनगर से, बी. विनोद कुमार (टीआरएस) हनमकोंडा से और ईडी राव (तेलुगु देशम पार्टी) वारंगल से शामिल हैं। ये सभी आंध्रप्रदेश के हैं। वहीं, अगाथा संगमा (एनसीपी) मेघालय में तुरा से, अनुराग सिंह ठाकुर (भाजपा) हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर से और महाराष्ट्र की ठाणो सीट से निर्वाचित आनंद परांजपे (शिवसेना) भी इसी दिन शपथ लेंगे। बुकमार्क किजिए
|
|