Ram Raja Prasad Nepals proposed President

नेपाल में पहले राष्ट्रपति के चुनाव के लिए राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनती दिख रही है। अगर सब कुछ तय कार्यक्रम के मुताब़िक हुआ तो रामराजा प्रसाद सिंह नेपाल के पहले राष्ट्रपति होंगे। माओवादियों का कहना है कि रामराजा प्रसाद राष्ट्रपति की एक नई तस्वीर पेश करेंगे। शनिवार को राष्ट्रपति का चुनाव होना है, प्रमुख राजनीतिक दल इस बात पर राज़ी हो गए हैं कि उम्मीदवार के नाम पर सर्वसम्मति होनी चाहिए। माओवादियों और दक्षिणी नेपाल में सफलता हासिल करने वाली मधेशियों की पार्टी के बीच सहमति हो गई है।

अगर रामराजा प्रसाद को राष्ट्रपति चुन लिया जाता है तो यह कई मायनों में अभूतपूर्व फ़ैसला होगा क्योंकि माओवादी दक्षिण नेपाल की तीन पार्टियों के साथ पहली बार समझौता कर रहे हैं जो अब तक उसके राजनीतिक शत्रु रहे थे। माओवादी नेताओं का कहना है कि उनके पास रामराजा प्रसाद के नाम पर सहमति देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, प्रसाद एक छोटी पार्टी के नेता हैं और क़ाफी निष्पक्ष छवि है। माओवादियों के शीर्ष नेता प्रचंड ने कहा, हम गिरिजा प्रसाद कोइराला को राष्ट्रपति नहीं बनाना चाहते थे, हम कोई नया चेहरा चाहते थे, इस मामले रामराजा प्रसाद बिल्कुल सही उम्मीदवार हैं।

समझौताप्रचंड माओवादियों की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, नेपाल के नए संविधान के मुताब़िक शासनाध्यक्ष प्रधानमंत्री होगा। नव जनवादी मंच नाम की एक पुरानी लेकिन छोटी-सी पार्टी चलाने वाले नेता रामराजा प्रसाद को मधेशी पार्टियों का समर्थन हासिल है। माओवादियों को उम्मीद है कि मधेशी पार्टियों का समर्थन मिलने की वजह से रामराजा प्रसाद सिंह आसानी से राष्ट्रपति चुन लिए जाएँगे। रामराजा प्रसाद को समर्थन देने के बदले में मधेशी पार्टियों ने अपने नेता परमानंद झा को उप राष्ट्रपति बनाने की माँग की है। इस बीच नेपाली कांग्रेस और यूनाइटेड मार्क्सवादी-लेनिनवादी पार्टी(यूएनपी)ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारने का फ़ैसला किया है।