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माकपा-अकाली दल के व्हिप जारी - सोमनाथ दायरे से बाहर
22 जुलाई को लोकसभा में सरकार के खिलाफ मतदान के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने सांसदों के लिए जो व्हिप जारी किया है, लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को उससे अलग रखा गया है। उधर, शिरोमणि अकाली दल ने आज अपने आठ सांसदों को संप्रग सरकार के खिलाफ मतदान के लिए व्हिप जारी किया। शिरोमणि अकाली दल महासचिव और पार्टी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष सुखदेव सिंह ढींढसा ने कहा कि अकाली सांसदों की क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए पार्टी ने व्हिप जारी किया है। सोमनाथ चटर्जी को व्हिप से छूट दिया जाना अपने आप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी अब तक इसी बात पर अड़ी हुई थी कि वह पार्टी के निर्णय का पालन करें। पार्टी ने विश्वास प्रस्ताव पर सरकार के खिलाफ वोट देने का मन बनाया है। माकपा के 41 सांसदों के लिए तीन पंक्ति का व्हिप जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वह सब 20 जुलाई तक राजधानी पहुँच जाएँ, अगले दो दिन लोकसभा में उपस्थित रहें और विश्वास प्रस्ताव पर सरकार के खिलाफ मतदान करें। माकपा महासचिव प्रकाश कारत ने जोर देकर कहा कि लोकसभा अध्यक्ष अपने पद पर बने रहना चाहते हैं या नहीं इसका फैसला उन्हें खुद करना है। उन्होंने कहा कि इतने ऊँचे पद पर बैठs व्यक्ति को राजनीतिक बंदिशों में नहीं बांधा जा सकता। करात ने एक अखबार के साथ मुलाकात में पार्टी की इस इच्छा का स्पष्ट संकेत दिया कि चटर्जी को विश्वास मत से पहले अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा, `जब कोई लोकसभा अध्यक्ष पद से हट जाए तो अपनी राजनीतिक गतिविधियाँ दोबारा शुरू कर सकता है। करात ने कहा `हम भारत में ब्रिटिश परंपरा का पालन नहीं करते `हमारे एक पूर्व लोकसभा अध्यक्ष गृह मंत्री हैं और एक अन्य पूर्व अध्यक्ष लोकसभा में विपक्षी दलों में से एक के नेता हैं। ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष के पार्टी और राजनीति से हटकर चलने की बातें पाखंडपूर्ण है।' वामपंथी दलों ने नौ जुलाई को संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेने वाले जिन सांसदों की सूची राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को सौंपी थी, उनमें चटर्जी का नाम शामिल था। पार्टी की केन्द्राrय समिति की कल से यहाँ शुरू होने वाली दो दिवसीय बैठक से पूर्व यह व्हिप जारी किया गया है। बुकमार्क किजिए
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