विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने आज संयुक्त राष्ट्र परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख मोहम्मद अल बरदेई से भेंट की। यह बैठक भारत केंद्रित सुरक्षा मानक समझौते पर आईएईए के निदेशक मंडल को `ब्रीफिंग' किये जाने से पहले हुई है।
विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने आज संयुक्त राष्ट्र परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख मोहम्मद अल बरदेई से भेंट की। यह बैठक भारत केंद्रित सुरक्षा मानक समझौते पर आईएईए के निदेशक मंडल को `ब्रीफिंग' किये जाने से पहले हुई है।
सूत्रों ने बताया कि मेनन की आईएईए के महानिदेशक के साथ संक्षिप्त बैठक हुई है। बहरहाल उनके बीच हुई बातचीत के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिल पायी है। विदेश सचिव यहाँ 35 सदस्यीय आईएईए के निदेशक मंडल और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के उन 19 सदस्यों को सुरक्षा मानक समझौते और भारत-अमेरिका परमाणु करार के विभिन्न पहलुओं पर `ब्रीफिंग' करने आये हैं, जो बोर्ड में शामिल नहीं हैं।
ऐसी संभावना है कि मेनन अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ असैन्य परमाणु सहयोग करने की अनुमति देने के संबंध में सदस्यों के समक्ष भारत का पक्ष रखेंगे। वह एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं करने के बाद भारत के परमाणु अप्रसार के मामले में बेहतर रिकॉर्ड को भी रेखांकित कर सकते हैं।
परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव आर. बी. ग्रोवर के साथ विदेश सचिव द्वारा आईएईए के बोर्ड और एनएसजी सदस्यों को संबंधित पहलुओं पर जानकारी (ब्रीफिंग) दिया जाना खासा अहम है, क्योंकि बोर्ड की एक अगस्त को बैठक होने वाली हैं, जिसमें भारत केंद्रित सुरक्षा मानक समझौते को मंजूरी दिये जाने पर विचार किया जाएगा। आईएईए के निदेशक मंडल से सुरक्षा मानक समझौते की मंजूरी के बाद भारत को 45 सदस्यीय एनएसजी से भारत-अमेरिका परमाणु करार को अमल में लाने के संबंध में मंजूरी प्राप्त करनी होगी। प्रतिनिधिमंडल में देश के आईएईए में भारत के दूत सौरभ कुमार और परमाणु ऊर्जा विभाग में संयुक्त सचिव गीतेश शर्मा शामिल हैं।