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कांग्रेस ने आज केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा 22 जुलाई को विश्वास-मत हासिल किये जाने के दौरान लोकसभा के सभी सदस्यों से स्व-विवेक और आत्मा की आवाज पर मतदान करने की अपील की। कांग्रेस महासचिव और पार्टी के उत्तर- प्रदेश मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने यहाँ पत्रकारों से कहा कि ज्यादातर सांसद विशेषकर युवा वर्ग के लोकसभा सदस्य व्यक्तिगत तौर पर एटमी करार के समर्थक हैं। देश के व्यापक हित में अब उन्हें खुलकर सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा, `सभी सांसदों को 22 जुलाई को विश्वास-मत पर विवेक और आत्मा की आवाज के आधार पर वोट डालना चाहिए।' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामदलों द्वारा लगाये गये सांसदों की खरीद -फरोख्त के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की कोशिश, तो भाजपा ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान की थी। उन्होंने कहा, `सत्ता में बने रहने के लिए कांग्रेस ने कभी इस तरह का प्रयास नहीं किया।' श्री सिंह ने दावा किया कि विभिन्न पार्टियों के अनेक सांसद हमारे सम्पर्प में है और उनके समर्थन का नतीजा 22 जुलाई को सबके सामने आ जाएगा । एटमी करार का विरोध करने के लिए वामदलों और भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए श्री सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उनके सुरक्षा सलाहकार बृजेश मिश्रा तो सीटीबीटी के साथ भी यह करार करने के पक्षधर थे, मगर आश्चर्य की बात यह है कि अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा इस दिशा में पहल किये जाने पर उनकी पार्टी इसका विरोध कर रही है। वाम मोर्चे के विवेक पर सवालिया निशान लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को साम्प्रदायिक पार्टी मानकर सत्ता में आने से रोकने के लिए केन्द्र में संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन देने वाले वाम दल अब एक धर्मनिरपेक्ष सरकार को हटाने के लिए भाजपा के साथ मिलकर वोट कैसे कर सकते हैं। एटमी करार के प्रति कांग्रेस की वचनबद्धता दोहराते हुए श्री सिंह ने कहा कि पार्टी इस समझौते के लिए कोई भी त्याग करने के लिए तैयार है। हमारा मानना है कि परमाणु ईंधन के जरिए देश को विद्युत, औषधि और अन्य क्षेत्रों में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से आगे बढ़ाया जा सकता है। इस घड़ी में समर्थन देने के लिए उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय लोकदल की पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को `भारत रत्न' दिये जाने तथा पश्चिमी उत्तर-प्रदेश के जिलों को मिलाकर पृथक हरित प्रदेश गठित किये जाने की नई माँगों के बारे में पूछने पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की और कहा कि केन्द्र सरकार उनकी लखनऊ स्थित हवाई अड्डे का नाम चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखने की माँग को पूरा कर चुकी है। बुकमार्क किजिए
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