Mulayam Singh Yadav

परमाणु करार पर वाम दलों के समर्थन वापस लेने के बाद कांग्रेस नीत संप्रग सरकार द्वारा 22 जुलाई को विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले तमाम तरह की अटकलों के बीच आज कांग्रेस के तमाम सांसद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने उनके आवास पर पहुँचे। इस बीच, राजधानी में तेदेपा अध्यक्ष चन्द्रबाबू नायुडू ने बसपा सुप्रीमो मायावती और लेफ्ट के नेता करात से भेंट कर करार के विरोध में साझा रणनीति पर विचार किया। बाबू की अध्यक्षता में कल यूएनपीए के साथ बसपा और लेफ्ट की बैठक होगी। उधर, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कल होने वाले रात्रि भोज में झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन सहित नेकां अध्यक्ष उमर अब्दुला और उनकी पार्टी के सांसदों को बुलाया, वहीं जनता दल (एस) के अध्यक्ष एच.डी. देवेगौड़ा ने पीएम से मुलाकात तो की, लेकिन वे कल अपने पत्ते खोलेंगे। इन मुलाकातों के बीच समाजवादी पार्टी को उस समय दोहरा झटका लगा जब उसके एक लोकसभा और एक राज्यसभा सदस्य ने पार्टी छोड़ते हुए बसपा का दामन थाम लिया।

विश्वास प्रस्ताव को लेकर सांसदों की खरीद फरोख्त और कुछ सांसदों की नाराजगी की खबरों के बीच पार्टी ने अपने तरकश के सभी तीरों की धार जाँचने के लिए तमाम सांसदों को पार्टी अध्यक्ष के आवास पर बुलाया। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस दौरान लगभग सभी सांसद उपस्थित थे। हालाँकि अंबरीश तथा जयपाल रेड्डी समेत आंध्र-प्रदेश के तीन कांग्रेस सांसद असम के बाड़पेटा से कांग्रेस सांसद ए. एफ. गुलाम ओस्मानी तथा गुजरात से कांग्रेस सांसद हरि राम जगाड़िया दोपहर बाद तक नहीं आए।

पार्टी महासचिव बी के हरि प्रासद ने बताया कि जयपाल रेड्डी से सुबह बातचीत हुई और वह जल्द ही मिलने वाले हैं, जबकि जगाड़िया के घर में समारोह होने की वजह से वह अभी तक नहीं आ सके हैं। जब उनसे गुजरात के दो सांसदों के विश्वास मत के खिलाफ वोट देने की खबरों के बारे में पूछा गया तो प्रसाद ने कहा कि भाजपा के ही कुछ असंतुष्ट नेता विश्वास मत के पक्ष में वोट देंगे।

उन्होंने कहा कि परमाणु करार राष्ट्रहित में हैं और इसमें हमें देश के सभी धर्मनिरपेक्ष दलों का सहयोग मिल रहा है। कांग्रेस महासचिव हरि प्रसाद से जब कर्नाटक में कांग्रेस नेता अंबरीश तेजस्विनी और हनुमंथप्पा के पार्टी के खिलाफ अभियान चलाने की खबरों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी एकजुट है और किसी के अभियान चलाने और न चलाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। आगामी 22 जुलाई को हम विश्वास मत हासिल कर लेंगे। उन्होंने कहा `हमारा गणित पक्का है और इसमें संशय की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी विदेश नीति में न तो कोई बदलाव किये हैं और न आगे करेंगे। जवाहर लाल नेहरू ने जिस विदेश नीति की बुनियाद रखी थी हम उस पर कायम हैं।

इधर कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख एम. वीरप्पा मोइली ने कहा कि हम आसानी से विश्वास मत हासिल कर लेंगे। कांग्रेस के सांसदों की सोनिया गांधी से यह सद्भावना मुलाकात है। सभी सांसद अपनी राय व्यक्त करने के लिए राजनीतिक रूप से परिपक्व है।

उन्होंने कहा कि कुछ अन्य दलों के सांसद भी पार्टी लाइन से हट कर विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। हमें सूचना मिली है कि शिव सेना अकाली दल और भाजपा के कुछ सांसद अनुपस्थित भी रह सकते हैं। राष्ट्रीय लोकदल के समर्थन के बारे में मोइली ने कहा कि रालोद प्रमुख अजीत सिंह इस संबंध में स्वयं निर्णय करेंगे। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में झारखंड मुक्ति मोर्चा हमारे साथ है। इस बीच उत्तर-प्रदेश के उन चार कांग्रेस सांसदों ने भी आज सोनिया गांधी से मुलाकात की जिनके बसपा में जाने की खबरें आई थीं। इनमें हापुड़ से सुरेन्द्र प्रकाश गोयल, मथुरा से मानवेन्द्र सिंह, वाराणसी से डॉ. राजेश कुमार मिश्रा तथा चौधरी वीरेन्द्र सिंह शामिल हैं।

वाराणसी के सांसद डॉ. राजेश कुमार मिश्रा ने कहा `यह हमारे लिए शर्म की बात है कि हमें यह बताने यहाँ आना पड़ रहा है कि हम सोनिया गांधी के साथ है। हम राजनीति छोड़ सकते है, लेकिन कांग्रेस को नहीं छोड़ सकते।' उन्होंने कहा `परमाणु करार देश के हित में है। इससे किसानों, युवाओं और देश की सम्पूर्ण जनता का भला होगा। लोगों को बिजली मिलेगी तो इसका विरोध क्यों हो।'

हरियाणा के हिसार से पार्टी सांसद जय प्रकाश ने कहा `हमने सोनिया जी से मुलाकात की है और हम 22 जुलाई को निश्चित तौर पर विश्वास मत हासिल कर लेंगे।' जब उनसे हरियाणा से पार्टी सांसद अरविंद कुमार शर्मा के रुख के बारे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पूरी पार्टी एकजुट है और वह सोनिया गांधी से मिलने आयेंगे। उन्होंने कहा कि परमाणु करार काफी संजीदा मसला है, जो किसानों, नौजवानों और गरीबों से जुड़ा है। परमाणु करार से देश के लोगों को बिजली मिलेगी और इसका विरोध करने का सवाल ही पैदा नहीं होता है।

गुजरात के आनंद से पार्टी सांसद भरत सिंह सोलंकी ने कहा कि विश्वास प्रस्ताव पर हमारी पार्टी के अलावा विपक्षी खेमे से भी लोग वोट देंगे। सभी ओर से आँकड़ो की गिनती हो, लेकिन 22 जुलाई को ही इसके बारे में स्पष्ट तौर पर पता चलेगा। सोनिया गांधी से मुलाकात करने वालों में हाल ही अस्पताल के घर लौटे सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी तथा फिल्म अभिनेता गोविंदा शामिल थे।